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IDFC फर्स्ट बैंक फ्रॉड! 100 करोड़ की एंट्री और उसी दिन डेबिट; IAS पंकज अग्रवाल ने करवाई महंगी मेहमाननवाजी

Published: Wed, 30 Sep 2026 07:00 AM (GMT+05:30)

हरियाणा के सरकारी विभागों के बैंक खातों में हुई गड़बड़ी के मामले में आईएएस पंकज अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ी हैं। ...और पढ़ें

आईएएस पंकज अग्रवाल के खिलाफआरोपपत्र दाखिल कर चुकी है सीबीआई।

आईएएस पंकज अग्रवाल के खिलाफआरोपपत्र दाखिल कर चुकी है सीबीआई।

HighLights

  1. पंकज अग्रवाल पर बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर करने का आरोप।

  2. वित्त विभाग की आपत्तियों को दरकिनार कर 100 करोड़ ट्रांसफर।

  3. बैंक से जुड़े लोगों से निजी मेहमाननवाजी और लाभ लेने का आरोप।

राजेश मलकानियां, पंचकूला। हरियाणा में सरकारी विभागों के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े बैंक खातों में हुए करोड़ों के घोटाले में आईएएस पंकज अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एक ही दिन में 100 करोड़ की एंट्री और उसी दिन डेबिट करने के अलावा उन पर महंगी मेहमाननवाजी के गंभीर आरोप हैं।

हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड में कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में तत्कालीन अधिकारियों में शामिल पंकज अग्रवाल के खिलाफ सीबीआई के आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है।

जांच एजेंसी ने उन पर बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर कराने, वित्त विभाग की आपत्तियों को दरकिनार करने, नोटशीट बदलवाने और बैंक से जुड़े लोगों से कथित तौर पर अनुचित लाभ लेने के आरोप लगाए हैं।

आरोपपत्र के मुताबिक 17 दिसंबर 2024 को एचएसएसपीपी के सभी बैंक खातों में मौजूद राशि का खाता-वार विवरण मंगवाया गया। इसके दो दिन बाद 19 दिसंबर को निजी बैंक के प्रतिनिधि ऋभव ऋषि ने पंकज अग्रवाल से मुलाकात कर बैंकिंग प्रस्ताव सौंपा।

पंकज अग्रवाल ने प्रस्ताव को स्वयं मार्क करते हुए वित्त एवं लेखा नियंत्रक को आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए। 20 दिसंबर 2024 को पंकज अग्रवाल ने तत्कालीन चीफ फाइनेंशियल एडवाइजर से बात की थी।

उन्हें कथित तौर पर बताया गया कि 50 करोड़ रुपये की सीमा है और इससे अधिक राशि के लिए वित्त विभाग की मंजूरी जरूरी होगी। इसके बावजूद उन्होंने 100 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने का रास्ता तलाशने की कोशिश की और वित्त सलाहकार की सलाह को फाइल पर दर्ज नहीं कराया।

4 जनवरी 2025 को चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की शाखा में नया खाता खोला गया और 8 जनवरी को कोटक महिंद्रा बैंक के खाते से इसमें 40-40 करोड़ और 20 करोड़ रुपये की तीन किस्तों में कुल 100 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए।

रिभव ऋषि का नाम और मोबाइल नंबर भेजा

उसी दिन इस खाते से डेबिट शुरू हो गया। जून 2025 में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की जिम्मेदारी संभालने के बाद पंकज अग्रवाल ने 1 जुलाई 2025 को एचएसएसएएमबी के वित्त एवं लेखा नियंत्रक को कथित तौर पर रिभव ऋषि का नाम और मोबाइल नंबर भेजा।

इसके बाद आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में खाता खोला गया। बोर्ड के पास पहले से पर्याप्त बैंक खाते और राशि उपलब्ध थी, इसके बावजूद नए खाते के लिए न तो कोटेशन मंगाया गया और न ही तुलनात्मक प्रक्रिया अपनाई गई।

आरोपपत्र में 14 जनवरी 2026 को इस खाते से 10 करोड़ रुपये के कथित फर्जी/रद चेक के आधार पर डेबिट का उल्लेख है। इसमें 9.75 करोड़ रुपये एसआरआर प्लानिंग गुरुस प्रा. लि. और 25 लाख रुपये मन्नत काॅन्ट्रेक्टर्स को जाने की बात कही गई है।

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बोर्ड के अधिकारियों ने पंकज अग्रवाल को 10 करोड़ रुपये की निकासी की जानकारी दी। उन्होंने इसे गंभीरता से लेने के बजाय कथित तौर पर कहा कि रिभव ऋषि प्रभावशाली व्यक्ति हैं और 10-20 करोड़ रुपये उनके लिए बड़ी बात नहीं है।

आरोपपत्र में यह भी कहा गया है कि बाद में राशि वापस आई, लेकिन उससे पहले बोर्ड के अधिकारियों ने स्वतंत्र रूप से मामले की जानकारी जुटाई और एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।

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होटल में उपलब्ध करवाई काॅल गर्ल्स

पंकज अग्रवाल ने बैंक से जुड़े लोगों की ओर से निजी सुविधाएं ली, इसमें अक्टूबर 2025 में दिल्ली के एक होटल में ठहरने की व्यवस्था, अक्टूबर 2025 में पत्नी के लिए चंडीगढ़ के होटल में आयोजित पार्टी का खर्च और नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच जीरकपुर स्थित एक स्थान पर आयोजित चार पार्टियों की।

इसके अलावा दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में चंडीगढ़ तथा मोहाली के होटलों में उनके लिए कॉल गर्ल्स की कथित व्यवस्था की बात भी चार्जशीट में हैं। सीबीआई ने इन आरोपों के समर्थन में होटल रिकॉर्ड, बुकिंग विवरण, भुगतान रिकाॅर्ड, सीडीआर और सीसीटीवी फुटेज को साक्ष्य के रूप में सूचीबद्ध किया है।