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हरियाणा की सुधा यादव ने बर्थडे पर संभाला कर्नाटक गवर्नर का पद, पति के बलिदान के बाद नरेंद्र मोदी ने लड़वाया था सांसदी चुनाव

Published: Fri, 16 Oct 2026 07:28 PM (IST)Updated: Fri, 16 Oct 2026 07:49 PM (IST)

डॉ. सुधा यादव ने अपने जन्मदिन पर कर्नाटक के राज्यपाल के रूप में पदभार संभाला। वह हरियाणा की 15वीं नेता हैं जिन्हें यह संवैधानिक दायित्व मिला है।

हरियाणा बीजेपी की प्रदेश अध्यक्ष शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होकर सुधा यादव को दी बधाई। फोटो जागरण

हरियाणा बीजेपी की प्रदेश अध्यक्ष शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होकर सुधा यादव को दी बधाई। फोटो जागरण

HighLights

  1. डॉ. सुधा यादव ने कर्नाटक राज्यपाल का पदभार संभाला।

  2. उन्होंने अपने जन्मदिन के अवसर पर यह दायित्व ग्रहण किया।

  3. हरियाणा की 15वीं नेता बनीं किसी राज्य की राज्यपाल।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा की बेटी और पूर्व सांसद डॉ. सुधा यादव ने शुक्रवार को कर्नाटक की नई राज्यपाल के रूप में पदभार संभाल लिया है। विशेष बात यह रही कि उन्होंने अपने जन्मदिन के दिन ही नया संवैधानिक दायित्व ग्रहण किया। डॉ. सुधा यादव के पास कर्नाटक का राज्यपाल बनने से पहले भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की सदस्य का दायित्व था।

डॉ. यादव किसी राज्य की राज्यपाल बनने वाली हरियाणा की 15वीं नेता हैं। वर्तमान में आचार्य देवव्रत गुजरात के राज्यपाल की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। शुक्रवार को बेंगलुरु स्थित लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में हरियाणा भाजपा की प्रधान डॉ. अर्चना गुप्ता भी पहुंची और डॉ. सुधा यादव को राज्यपाल के रूप में नए संवैधानिक दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं। साथ ही जन्मदिन के अवसर पर उनके स्वस्थ, सुखमय एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

सीएम नायब सैनी समेत कई नेताओं ने दी बधाई

डा. सुधा यादव महेंद्रगढ़ (अब गुरुग्राम) से सांसद रही हैं। डा. अर्चना ने कहा कि हरियाणा की बेटी का इस महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर पहुंचना पूरे प्रदेश के लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय है। उनकी यह उपलब्धि हरियाणा की महिलाओं की प्रतिभा, नेतृत्व क्षमता और सार्वजनिक जीवन में योगदान का प्रेरक उदाहरण है।

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल और रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण यादव ने भी सुधा यादव को जन्मदिन तथा नए दायित्व की शुभकामनाएं दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सुधा यादव अपने अनुभव और समर्पण से राज्यपाल के रूप में संवैधानिक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगी।

राष्ट्रीय राजनीति में बनाई पहचान

डा. सुधा यादव का राजनीतिक सफर संघर्ष और संयोग, दोनों से जुड़ा रहा है। उनके पति सुखबीर सिंह यादव सीमा सुरक्षा बल में डिप्टी कमांडेंट थे और वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध में बलिदान हो गए थे।

इसके बाद हुए लोकसभा चुनाव में हरियाणा भाजपा के तत्कालीन प्रभारी नरेन्द्र मोदी (अब प्रधानमंत्री) ने उन्हें महेंद्रगढ़ संसदीय सीट से चुनाव लड़ाया, जिसमें उन्होंने राव इंद्रजीत सिंह को हराते हुए राष्ट्रीय राजनीति में अपनी पहचान बनाई। बाद के चुनावों में उन्हें भले ही हार का सामना करना पड़ा, लेकिन संगठन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण बनी रही।

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