राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। अंबाला रेंज की आइजी व वरिष्ठ आइपीएस अफसर भारती अरोड़ा के स्वैच्छिक सेवानिवृति (VRS) मांगने संबंधी पत्र पर मुख्यमंत्री की भी सहमति मिल गई। सीएम मनोहर लाल ने आइजी के वीआरएस के आवेदन पर साइन करते हुए उन्हें सेवानिवृत होने की मंजूरी दे दी है। दस साल पहले रिटायरमेंट (वीआरएस) लेने वाली आइजी भारती अरोड़ा आगामी एक दिसंबर को दोपहर बाद रिटायर हो जाएंगी। प्रभु की भक्ति के लिए उन्होंने वीआरएस ली है।

आइपीएस भारती अरोड़ा ने भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति की राह पर चलने के लिए एक अगस्त 2021 को वीआरएस मांगी थी, लेकिन राज्य के गृह मंत्री अनिल विज ने पुनर्विचार के लिए फाइल पर नोटिंग लिख दी थी। अरोड़ा अपने फैसले पर कायम रहीं, जिसके चलते दोबारा से फाइल डीजीपी मुख्यालय से होते हुए गृह मंत्री अनिल विज और मुख्यमंत्री तक पहुंची थी। भारती अरोड़ा हरियाणा में राजकीय रेलवे पुलिस में एसपी, अंबाला एसपी, कुरुक्षेत्र एसपी, राई स्पोट्र्स कांप्लेस में प्रिंसिपल, करनाल रेंज में आइजी रही हैं।

आइपीएस भारती अरोड़ा की फाइल फोटो। 

बता दें, अंबाला रेंज की पुलिस महानिरीक्षक भारती अरोड़ा ने इससे पूर्व भेजे गए अपने पत्र में कहा था कि वह 50 साल की उम्र में स्वेच्छा से अखिल भारतीय सेवा नियम 1958 के नियम 16 (2) के तहत एक अगस्त 2021 से सेवानिवृति के लिए आवेदन प्रस्तुत कर रही हैं, लेकिन तब उनका आवेदन को पुनिर्विचार के लिए वापस भेज दिया गया। भारती की रिटायरमेंट 2031 में होनी थी। लेकिन, जब भारती अरोड़ा ने दोबारा वीआरएस के लिए दबाव बनाया तो सरकार ने इसे मंजूर कर दिया है।

भारती अरोड़ा को तेजतर्रार अफसर माना जाता है। यही कारण है कि पहली बार जब भारती अरोड़ा की फाइल राज्य गृह मंत्री अनिल विज के पास गई थी तो विज ने नोटिंग लिखकर भारती अरोड़ा को बेहतरीन अफसर बताया। उन्होंने गृह सचिव राजीव अरोड़ा को कहा था कि वह उन्हें वीआरएस न लेने के लिए मनाएं। 

Edited By: Kamlesh Bhatt