जेएनएन, चंडीगढ़। पानी के बंटवारे और राजधानी चंडीगढ़ सहित कुछ अन्य मसलों पर टकराते रहे हरियाणा व पंजाब नशे के खिलाफ जंग एक हो गए हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के बीच सूचना साझा करने और रणनीति बनाने के लिए प्रदेशों की सीमा पर स्थित जिलों में नियमित बैठकें करने का सुझाव दिया है।

ड्रग तस्करों का नेटवर्क तोड़ने के लिए पिछले दिनों पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हरियाणा के सीएम मनोहर लाल को चिट्ठी लिखकर सहयोग मांगा था। जवाबी चिट्ठी में मनोहर लाल ने लिखा कि 'जब भी पंजाब पुलिस द्वारा कोई सटीक और प्रामाणिक जानकारी साझा की जाती है तो मैं सख्त और त्वरित कार्रवाई करने का आश्वासन देता हूं।'

मनोहर लाल ने पत्र में लिखा है कि हरियाणा सरकार नशीली दवाओं की तस्करी और बिक्री पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने के लिए दूसरे राज्यों के साथ सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। हरियाणा नशीले पदार्थों ता उत्पादक प्रदेश नहीं हैै। हरियाणा पुलिस ने  नशीली दवाओं के तस्करों को पकडऩे के लिए जनवरी में विशेष टास्क फोर्स (एसटीएफ) बनाई है, जो एसटीएफ पंजाब समेत पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय से कार्य कर रहा है।

हरियाणा के मॉडल पर काम करे पंजाब तो खत्म होगा तस्करों का नेटवर्क

हरियाणा के सीएम ने पंजाब के मुख्यमंत्री को लिखा कि 'चूंकि आप पंजाब से सभी ड्रग तस्करों और विक्रेताओं को निर्वासित करने का दावा करते हैं, तो आपको रचनात्मक गतिविधियों में युवाओं की भागीदारी के लिए कुछ कार्यक्रम शुरू करने पर विचार करना चाहिए।'

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Posted By: Kamlesh Bhatt