हरियाणा के मनीषा मौत केस में CBI जांच पर कोर्ट ने उठाए सवाल, पुलिस अधिकारियों का हो सकता नार्को टेस्ट
पंचकूला की विशेष सीबीआई मजिस्ट्रेट अदालत ने हरियाणा के भिवानी में शिक्षिका मनीषा की मौत के मामले में सीबीआई की ...और पढ़ें

शिक्षिका मनीषा मौत केस की दोबारा जांच करेगी सीबीआई।
HighLights
सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट अदालत ने खारिज की।
मनीषा की मौत धारदार हथियार से, एम्स रिपोर्ट।
पुलिस अधिकारियों के नार्को टेस्ट की संभावना।
अंकेश ठाकुर, पंचकूला। हरियाणा के भिवानी में शिक्षिका मनीषा की मौत के चर्चित मामले में सीबीआई की जांच पर अदालत ने गंभीर सवाल उठाए हैं। पंचकूला की विशेष सीबीआई मजिस्ट्रेट अदालत ने एजेंसी की क्लोजर रिपोर्ट खारिज कर मनीषा के परिजनों की तरफ से दायर प्रोटेस्ट पिटीशन स्वीकार कर लिया है।
अदालत ने नए सिरे से निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने जांच की कई खामियां गिनाते हुए 23 दिसंबर 2026 तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। जरूरत पड़ने पर पुलिस अधिकारियों का नार्को टेस्ट भी कराया जा सकता है।
मनीषा के परिजनों के वकील हर्ष मोहन सिंह का कहना है कि सीबीआई ने मामले को लेकर कई तथ्यों की सही से जांच नहीं की थी और हत्या को आत्महत्या करार दिया था।
एम्स रिपोर्ट ने उठाए सवाल
एडवोकेट हर्ष मोहन सिंह ने बताया कि अदालत के सामने पेश एम्स के पांच चिकित्सकों के संशोधित मेडिकल बोर्ड ने सर्वसम्मति से बताया कि मनीषा की मौत गर्दन पर धारदार हथियार से लगी गंभीर चोट के कारण हुई थी।
यह चोट मौत से पहले लगी थी। बोर्ड ने शरीर पर जानवर के काटने के निशान होने से भी इनकार किया। इस रिपोर्ट के बाद अदालत ने स्थानीय पुलिस की जहर खाने और जानवरों द्वारा चेहरा क्षतिग्रस्त करने की थ्योरी पर सवाल उठाए।
40 दिन डीवीआर डीएसपी के कब्जे में रही
अदालत ने आइडियल नर्सिंग काॅलेज के सीसीटीवी कैमरों के डीवीआर की बरामदगी प्रक्रिया में भी गंभीर चूक मानी। एसआईटी प्रमुख डीएसपी ने डीवीआर लेते समय बरामदगी मेमो नहीं बनाया और यह करीब 40 दिन तक उनके कब्जे में रही।
अदालत ने कहा कि ऐसे में इलेक्ट्रानिक साक्ष्य से छेड़छाड़ की आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता। काॅलेज की फुटेज समय रहते सुरक्षित नहीं करने पर भी सवाल उठाए गए।
सुसाइड नोट की लिखावट की दोबारा जांच
कथित सुसाइड नोट की प्रामाणिकता जांचने के लिए मनीषा की 12वीं कक्षा के रजिस्टर में दर्ज लिखावट से उसका मिलान कराया जाएगा। अदालत ने दो अलग-अलग प्रयोगशालाओं के कम से कम तीन विशेषज्ञों के बोर्ड से इसकी जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
इनकी भूमिका भी जांचेगी सीबीआई
अदालत ने एएसआई शकुंतला, डीएसपी संजीव कुमार, देवेंद्र खाद भंडार के संचालक और आइडियल नर्सिंग काॅलेज के मालिक अशोक कुमार सांगवान की भूमिका की जांच करने को कहा है।
इनके मोबाइल की सीडीआर और अन्य इलेक्ट्रानिक साक्ष्य जुटाने के निर्देश भी दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर सहमति से नार्को एनालिसिस और ब्रेन फिंगर प्रिंटिंग जैसे वैज्ञानिक परीक्षणों पर विचार किया जा सकता है।
11 अगस्त 2025 को स्कूल से निकली थी
मनीषा भिवानी के सिंघानी क्षेत्र स्थित किड्स केयर प्ले स्कूल में शिक्षिका थी। 11 अगस्त 2025 को वह बीएससी नर्सिंग में दाखिले के सिलसिले में आइडियल नर्सिंग काॅलेज जाने की बात कहकर स्कूल से निकली थी।
स्कूल की सीसीटीवी फुटेज में दोपहर 1:58 बजे उसके बाहर जाने की पुष्टि हुई थी। अदालत ने उसके मोबाइल की काॅल डिटेल और लोकेशन की जांच नहीं किए जाने को भी बड़ी कमी माना है। सीबीआई को अब यह पता लगाना होगा कि संबंधित समय पर मोबाइल किसके पास था और उसकी लोकेशन कहां थी।
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