जेएनएन, चंडीगढ़। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में हुए जमीन घोटालों की जांच के लिए गठित जस्टिम ढींगरा आयोग की रिपोर्ट जल्द सार्वजनिक होगी। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की याचिका पर फिलहाल इसे सार्वजनिक करने पर रोक लगा रखी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट को दो महीने का समय दिया था। यह समय आठ-दस दिन में पूरा हो जाएगा। मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल ने कहा है कि अदालत का प्रतिबंध हटते ही रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी जाएगी।

हाईकोर्ट ने फिलहाल लगा रखी रोक, सीएम बोले- प्रतिबंध हटते ही सबके सामने होगी रिपोर्ट

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हमारी प्राथमिकता सिस्टम को बदलने की है। सीबीआइ और विजिलेंस के पास तमाम साक्ष्य हैं, जिसके आधार पर आरोपित राजनेता छूटते नहीं दिख रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकारों में घोटाले के कई मामले हुए जिनकी जांच लगभग पूरी हो चुकी। कांग्रेस राज में भ्रष्टाचार का एक पूरा सर्कल था जिसमें मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से लेकर ब्यूरोक्रेट्स तक पर घोटाले के केस दर्ज हैं।

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सीएम ने कहा कि केंद्र और प्रदेश में कांग्रेस की सरकारों में सीएलयू (भूमि उपयोग परिवर्तन) को लेकर बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई जो अब सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के माध्यम से निकल कर सामने आ रही है। पहले सीएलयू देने का अधिकार केवल  नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के निदेशक को था लेकिन बाद में सरकारों ने भ्रष्टाचार के चलते सीएलयू से संबंधित सभी फाइलों को मुख्यमंत्री कार्यालय से मंजूरी देना शुरू कर दिया। हमने फिर से सीएलयू का हक नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के निदेशक को सौंप दिया है।

बदले की भावना से काम करने के आरोप नकारते हुए सीएम ने कहा कि अगर ऐसा होता तो हम साढ़े तीन साल पहले ही यह काम कर देते। दोषियों को सजा कानून देगा। दूसरी ओर, ढींगरा अायोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की सरकार की तैयारी से राजन‍ीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है।

Posted By: Sunil Kumar Jha

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