राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को आंदोलनकारी किसान संगठनों और उनके कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने के मामले में केंद्र के दिशानिर्देशों का इंतजार है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि केंद्र सरकार निरंतर किसान संगठनों व किसानों के हित में फैसले ले रही है। तीन कृषि कानून बिना शर्त वापस हो गए। पराली जलाने वाले किसानों पर मुकदमे नहीं होंगे। इसी तरह यदि केंद्र सरकार आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने का फैसला लेती है तो हरियाणा सरकार इस फैसले को अपने यहां भी लागू करेगी।

मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि फसलों के एमएसपी और उससे जुड़े कानून पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक कमेटी बनाने की बात कही है। यह अच्छा प्रयास है। उन्होंने कहा कि एमएसपी या कानून के मुद्दे पर उनकी प्रधानमंत्री से कोई वार्ता नहीं हुई है, लेकिन मैं इतना कह सकता हूं कि इस कमेटी का गठन अच्छा है। उन्होंने किसान संगठनों से अपील की है कि वह अपना आंदोलन वापस कर अब घरों को लौट जाएं। उनकी सभी मांगें प्रधानमंत्री द्वारा मान ली गई हैं।

हरियाणा में कोरोना के नए वेरिएंट से जुड़े सवाल पर मनोहर लाल ने कहा कि इसे लेकर हरियाणा सजग है। हर 15 दिन बाद हम एडवाइजरी जारी करते हैं। कल ही नई एडवाइजरी जारी हुई है। काफी ढील के सुझाव आए थे। नए वेरिएंट के कारण हम किसी तरह की ढिलाई नहीं दे रहे हैं। बड़े मेलों की अनुमति डीसी से लेनी होगी। गीता जयंती कार्यक्रम के लिए कुरुक्षेत्र के डीसी को व्यवस्थाओं के लिए कह दिया गया है। हम रोजाना के आंकड़े देख रहे हैं, जिसके आधार पर कह सकते हैं कि नया वेरिएंट अभी नहीं आया है। मंत्रिमंडल के विस्तार से जुड़े सवाल पर मनोहर लाल ने वही पुरानी बात कही कि इस पर सस्पेंस बने रहने देना चाहिए। इसमें आपको भी आनंद है और हमें भी आनंद है।

Edited By: Kamlesh Bhatt