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हरियाणा में कैदियों के अधिकारों की सुरक्षा, सभी 20 जेलों में बनाए विजिटर बोर्ड; नायब सरकार का बड़ा कदम 

Published: Mon, 02 Nov 2026 04:46 PM (IST)

हरियाणा सरकार ने कैदियों के अधिकारों की सुरक्षा और जेल प्रशासन की निगरानी के लिए सभी 20 जेलों में जिला स्तरीय विजिटर बोर्ड गठित किए हैं।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी। फाइल फोटो

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी। फाइल फोटो

HighLights

  1. हरियाणा की 20 जेलों में विजिटर बोर्ड गठित।

  2. कैदियों के अधिकारों की सुरक्षा और निगरानी हेतु।

  3. बोर्ड में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता शामिल।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा की सभी 20 जेलों में कैदियों के अधिकारों की सुरक्षा, जेल प्रशासन की निगरानी और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए सरकार ने जिला स्तर पर विजिटर बोर्ड गठित कर दिए हैं। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित इन बोर्डों में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों, मानवाधिकार आयोग के प्रतिनिधि तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी शामिल किया गया है।
जेल विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और माडल प्रिजन मैनुअल-2016 के प्रविधानों के अनुपालन में ये बोर्ड गठित किए हैं।

बोर्ड में जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक अथवा पुलिस उपायुक्त, मुख्य चिकित्सा अधिकारी/सिविल सर्जन, जिला रोजगार अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला उद्योग अधिकारी, जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़कें) के कार्यकारी अभियंता, जिला शिक्षा अधिकारी और जिला कृषि/बागवानी अधिकारी सदस्य होंगे।

नामित प्रतिनिधि को भी सदस्य बनाया जाएगा

इसके अलावा हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष की ओर से नामित तीन विधायक भी बोर्ड में सदस्य होंगे। इनमें एक महिला विधायक का होना अनिवार्य किया गया है। हरियाणा मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष की ओर से नामित प्रतिनिधि को भी सदस्य बनाया जाएगा।

बोर्ड में जिले के दो सामाजिक कार्यकर्ताओं को गैर-सरकारी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है, जिनमें एक महिला होगी। कुल 40 गैर-सरकारी विजिटर नामित किए गए हैं। बोर्ड को प्रत्येक तिमाही में कम से कम एक बार संबंधित जेल का दौरा करना होगा।

निरीक्षण के लिए बोर्ड का कोरम तीन सदस्यों और अध्यक्ष से मिलकर बनेगा। गैर-सरकारी सदस्यों को जेलों के दौरे के लिए किसी प्रकार का यात्रा भत्ता (टीए/डीए), मानदेय या अन्य पारिश्रमिक नहीं दिया जाएगा। इन गैर-सरकारी सदस्यों का कार्यकाल दो वर्ष का रहेगा।

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