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हरियाणा के किसान अब केन्या और तंजानिया में करेंगे खेती, अफ्रीका से बढ़ेगा सहयोग

Published: Sat, 21 Mar 2026 09:08 PM (IST)

हरियाणा के किसानों को जल्द ही केन्या और तंजानिया में खेती के अवसर मिलेंगे। प्रदेश सरकार युगांडा, इथियोपिया और रवांडा ...और पढ़ें

जानकारी देते हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी। फोटो जागरण

जानकारी देते हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी। फोटो जागरण

HighLights

  1. हरियाणा के किसान केन्या, तंजानिया में खेती कर सकेंगे।

  2. युगांडा, इथियोपिया, रवांडा में बिजली, बुनियादी ढांचे में सहयोग।

  3. भारत-अफ्रीका समिट में ऊर्जा, कृषि सहयोग पर सहमति।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के किसानों को जल्द ही केन्या और तंजानिया में खेती करने के अवसर मिलेंगे। प्रदेश सरकार युगांडा, इथियोपिया और रवांडा में बिजली उत्पादन और बुनियादी ढांचे के विकास में सहयोग देगी।

नई दिल्ली में शनिवार को भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट में अफ्रीकी देशों के प्रतिनिधियों संग बैठक में ऊर्जा, व्यापार और कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने सहित कई योजनाओं पर सहमति बनी है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि औद्योगिक और आर्थिक क्षेत्र के साथ ही कृषि, पशुपालन, डेयरी, बागवानी में दोनों मिलकर परस्पर आपसी सहयोग से एक दूसरे का अनुभव और विशेषज्ञता साझा करते हुए विकास में रफ्तार पकड़ेंगे। भारत-अफ्रीका सामरिक साझेदारी बैठक में केंद्रीय उर्जा एवं आवासन मंत्री मनोहर लाल और केंद्रीय ऊर्जा एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येस्सो नाइक ने भी अपनी बात रखी।

नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा और अफ्रीका के बीच संबंध केवल व्यापारिक लेन-देन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह रिश्ते बिजनेस टू बिजनेस से आगे बढ़कर हार्ट टू हार्ट के हैं। कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में हरियाणा और अफ्रीका के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।

आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज, सिंचाई प्रबंधन, डेयरी विकास तथा कृषि-आधारित उद्योगों के क्षेत्र में साझेदारी से दोनों पक्षों को लाभ होगा।

मुख्यमंत्री ने विकास के लिए ऊर्जा क्षेत्र को महत्वपूर्ण आधार बताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल को हरियाणा के विद्युत क्षेत्र में बदलाव का श्रेय दिया। राज्य सरकार ने 90 प्रतिशत से अधिक गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की और लाइन लास को लगभग नौ प्रतिशत तक कम किया है।

हरियाणा ऊर्जा प्रबंधन, डिजिटल गवर्नेंस और प्रभावी सेवा वितरण के अपने अनुभव अफ्रीकी देशों के साथ साझा करने के लिए तैयार है। केन्या और तंजानिया जैसे देशों के साथ कृषि क्षेत्र में बातचीत चल रही है, जहां हरियाणा के किसान अपनी विशेषज्ञता से उत्पादकता बढ़ाने में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने युगांडा, इथियोपिया और रवांडा जैसे देशों में ऊर्जा उत्पादन और बुनियादी ढांचे के विकास में संभावनाओं की ओर भी संकेत किया।

कई देशों में संभावनाएं

दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया, बोत्सवाना, जांबिया और जिंबाब्वे के साथ बहु-क्षेत्रीय सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। पश्चिमी अफ्रीका के देशों नाइजीरिया, घाना और कोट डी’आईवोर—में एग्री-बिजनेस, फूड प्रोसेसिंग और डेयरी वैल्यू चेन में अवसर हैं, जबकि पूर्वी अफ्रीका में कृषि तकनीक, सिंचाई, जल प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग की संभावनाएं मौजूद हैं। उत्तरी अफ्रीका में वस्त्र, लाजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग और सौर ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग के अवसर हैं।