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हरियाणा कांग्रेस में सीएम चेहरे पर घमासान, कुलदीप शर्मा ने फोड़ा 'बम'; खरगे को लिखी चिट्ठी हुई लीक

Published: Sun, 04 Oct 2026 08:15 PM (IST)

हरियाणा कांग्रेस में 2029 विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर विवाद गहरा गया है। पूर्व स्पीकर ...और पढ़ें

कांग्रेस नेता कुलदीप शर्मा। फाइल फोटो

कांग्रेस नेता कुलदीप शर्मा। फाइल फोटो

HighLights

  1. कुलदीप शर्मा ने खरगे को पत्र लिखकर सीएम चेहरे पर आपत्ति जताई।

  2. उन्होंने 2029 चुनाव के लिए सामूहिक नेतृत्व की पैरवी की।

  3. शर्मा का निशाना भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा पर है।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा कांग्रेस में संगठन को मजबूत करने की कवायद के बीच मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर बहस फिर सतह पर आ गई है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर किसी एक नेता को 2029 के विधानसभा चुनाव के लिए पहले से मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाए जाने पर आपत्ति जताई है।

कुलदीप शर्मा का निशाना खुले तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके सांसद बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा की तरफ है। खरगे को करीब एक माह पहले लिखा गया कुलदीप शर्मा का पत्र रविवार को इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ, जब राज्य में कांग्रेस की एकजुटता का दावा हो रहा है।

केंद्रीय नेतृत्व पर फैसला छोड़ने की पैरवी

हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी संजय दत्त और प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के साथ राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को इस पत्र की प्रतियां भेजी गई हैं। कुलदीप शर्मा ने पार्टी नेतृत्व से हरियाणा में सामूहिक नेतृत्व की अवधारणा को आगे बढ़ाने और मुख्यमंत्री पद का फैसला चुनाव के बाद केंद्रीय नेतृत्व पर छोड़ने की पैरवी की है।

उन्होंने अपने पत्र में कांग्रेस नेता सचिन पायलट की उस टिप्पणी का उल्लेख किया है, जिसमें चुनाव सामूहिक नेतृत्व में लड़ने और राहुल गांधी के अभियान का नेतृत्व करने की बात कही गई थी।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा और बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा पर इशारा

पूर्व स्पीकर ने इसे कांग्रेस की मूल राजनीतिक कार्यशैली के अनुरूप बताते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव किसी एक संभावित मुख्यमंत्री चेहरे के बजाय पार्टी की विचारधारा और सामूहिक नेतृत्व के आधार पर लड़े जाने चाहिए।

पत्र में शर्मा ने हरियाणा के राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी को अतीत में एक व्यक्ति और बाद में उसके बेटे को मुख्यमंत्री के तौर पर आगे बढ़ाने की रणनीति से चुनावी नुकसान उठाना पड़ा है। उनका स्पष्ट इशारा भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा की ओर है।

कुलदीप शर्मा ने आरोप लगाया कि दीपेंद्र सिंह हुड्डा की ओर से खुद को 2029 के लिए मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में पेश करने की कोशिश कांग्रेस के सामाजिक और राजनीतिक विस्तार को सीमित कर रही है।

उन्होंने प्रभारी संजय दत्त से आग्रह किया है कि पार्टी के भीतर किसी एक व्यक्ति के खिलाफ या पक्ष में लगातार अभियान चलाने के बजाय सामूहिक नेतृत्व की अवधारणा को मजबूत किया जाए। उनका कहना है कि कांग्रेस को व्यापक सामाजिक गठजोड़ तैयार करने और अलग-अलग वर्गों तक अपनी पहुंच बढ़ाने की जरूरत है।