मिड-डे मील बनाने वाले दिव्यांग सहायकों की नियुक्ति पर लगी रोक, हरियाणा सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
हरियाणा सरकार ने राजकीय विद्यालयों में मिड-डे मील योजना के तहत अब दिव्यांग कुक-कम-सहायकों की नियुक्ति न करने का निर्णय ...और पढ़ें

फोटो एआई द्वारा जनरेट की गई है।
HighLights
राजकीय विद्यालयों में दिव्यांग कुक-कम-सहायकों की नियुक्ति पर अब रोक
सुरक्षा कारणों और कार्य की शारीरिक प्रकृति के चलते लिया गया निर्णय
मौलिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। राजकीय विद्यालयों में मिड-डे मील योजना के तहत अब किसी भी दिव्यांग कुक-कम-सहायक की नियुक्ति नहीं की जाएगी। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने सुरक्षा कारणों और दिव्यांगों की कार्य क्षमता को देखते हुए लिए निर्णय लिया है।
राजकीय विद्यालयों में मिड-डे मील योजना के तहत पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को भोजन वितरित किया जाता है। निदेशालय की ओर से जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को जारी पत्र में कहा गया है कि कुक-कम-हेल्पर का कार्य समयबद्ध कार्य है, जिसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना होता है।
कार्यक्षमत को ध्यान में रखते हुए लिया फैसला
कुक-कम-हेल्पर का कार्य पूरी तरह शारीरिक श्रम से जुड़ा है। इसमें गर्म बर्तनों के समीप खड़े रहकर भोजन पकाना तथा तैयार भोजन को बच्चों में वितरित करना शामिल है। सुरक्षा एवं कार्यक्षमता को ध्यान में रखते हुए दिव्यांग कुक-कम-हेल्पर के लिए यह कार्य संभव नहीं है। इसलिए मिड-डे मील योजना के तहत विद्यालयों में किसी भी दिव्यांग कुक-कम-हेल्पर की नियुक्ति न की जाए।
मुख्याध्यापक बनने के लिए 35 शिक्षकों ने ठुकराई पदोन्नति
मुख्याध्यापक बनने के लिए 35 स्नातक शिक्षकों (टीजीटी) और (भाषा अध्यापकों) सीएंडवी ने स्नातकोत्तर (पीजीटी) पद पर हुई पदोन्नति को ठुकरा दिया है। इन शिक्षकों के निवेदन पर स्कूल शिक्षा विभाग ने इन्हें उनके मूल पद टीजीटी/सीएंडवी पर रिवर्ट कर दिया है। इन शिक्षकों ने पीजीटी पद पर पदोन्नति के बाद अपनी सहमति देकर मूल पद पर वापस जाने का विकल्प दिया था, ताकि उन्हें हेड मास्टर/एलिमेंटरी स्कूल हेड मास्टर पद पर पदोन्नति के लिए विचार किया जा सके।
