चंडीगढ़ [अनुराग अग्रवाल]। सतलुज यमुना लिंक (SYL) नहर के मुद्दे पर अब फैसले की घड़ी आने वाली है। सुप्रीम कोर्ट पहले ही हरियाणा के हक में फैसला सुना चुका है, लेकिन इस फैसले को सिरे चढ़ाने में पंजाब की ओर से कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। हरियाणा हालांकि पंजाब को बड़ा भाई मानता है, लेकिन वह उसके इस असहयोगात्मक रूख से काफी आहत है।

हरियाणा ने पंजाब के नकारात्मक रुख से सुप्रीम कोर्ट को अवगत करा दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के हक में फैसला सुनाते हुए कहा था कि नहर निर्माण के बाद उसे उसके हिस्से का पानी दिया जाना चाहिए। साथ ही यह भी कहा था कि यदि नहर नहीं बनती तो केंद्र सरकार को इसमें हस्तक्षेप करना होगा।

केंद्रीय जल मंत्रालय ने कई बार कोशिश की। गृह मंत्री अमित शाह भी राज्यों को आपस में मिल बैठकर चर्चा करने के लिए कह चुके हैैं, लेकिन हरियाणा को लगता है कि पंजाब का रुख किसी सूरत में बदलने वाला नहीं है। लिहाजा हरियाणा अब पंजाब के साथ आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हो गया है। इस कड़ी में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों के साथ SYL के मुद्दे पर गहन मंत्रणा की और अगली रणनीति तैयार की।

3 जनवरी को फैसला संभव

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों की बैठक लेकर पंजाब के रुख पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। अधिकारियों ने सीएम को फीडबैक दिया कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में 3 जनवरी 2020 को फाइनल (अंतिम) फैसला सुना सकता है।

केंद्र की आखिरी कोशिश, आज पंजाब व हरियाणा के सीएस दिल्ली तलब

SYL नहर निर्माण के मसले पर केंद्र सरकार शुक्रवार को राज्यों के बीच सहमति बनाने के लिए एक आखिरी प्रयास कर सकती है। अधिकारियों ने सीएम को बैठक में बताया कि शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय जल सचिव के साथ पंजाब व हरियाणा के मुख्य सचिवों की बैठक है। इस बैठक में दोनों राज्य अपने प्रयासों की जानकारी देंगे।

हमारी विनम्रता को हल्के में न ले पंजाब

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि SYL के मुद्दे पर पंजाब हमारी विनम्रता को अन्यथा या हल्के में न ले। जब सर्वोच्च न्यायालय ने हरियाणा के हक में निर्णय दे दिया है तो इसके क्रियान्वयन में पंजाब कोई न कोई नया बहाना बनाकर गुमराह करने की कोशिश कर रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

पड़ोसी राज्यों के साथ विवादों की सूची बना रहा हरियाणा

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अधिकारियों से यह भी कहा है कि पंजाब सहित अन्य पड़ोसी राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान व दिल्ली के साथ जितने भी छोटे-बड़े मुद्दे हैं, उनकी एक सूची तैयार करें। 14 दिसंबर को उनकी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बैठक तय है। अंतरराज्यीय मसलों पर बाकी राज्यों से भी संपर्क साधा जाएगा। मनोहर लाल के अनुसार पराली व प्रदूषण के मुद्दे पर भी पंजाब द्वारा हरियाणा को निशाना बनाकर देश को गुमराह किया जा रहा है।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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