चंडीगढ़ [दयानंद शर्मा]। डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम की पत्नी हरजीत कौर द्वारा पैरोल के लिए दायर याचिका पर पीठ ने कहा कि पैरोल देना राज्य व कोर्ट की दया पर निर्भर है, यह याची का अधिकार नहीं है। इसके साथ ही याचिका वापस लेने की छूट देते हुए उसे खारिज कर दिया।

गुरमीत की पत्नी ने हाई कोर्ट में दायर याचिका का आधार गुरमीत की मां (अपनी सास) नसीब कौर की बीमारी को बनाया था। याचिका में कहा गया था कि नसीब कौर बीमार हैं। उनकी आयु 85 साल है। पिछले दिनों नसीब कौर को हार्ट अटैक भी आया था, लेकिन वह अपना इलाज नहीं करवा रही हैं। उनकी इच्छा है कि गुरमीत सिंह उसके पास हो। जब तक उनका बेटा उसके पास नहीं आएगा, वह इलाज नहीं कराएगी। इसी वजह से उन्होंने रोहतक जेल के जेल अधीक्षक को 29 जुलाई को पार्थना पत्र देकर गुरमीत को पैरोल देने की मांग की थी, लेकिन हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी राज्य ने उनको पैरोल देने से इन्कार कर दिया।

डेरे में अस्पताल, मां का वहीं इलाज कराएं

पीठ ने कहा कि जब आपके डेरे में अस्पताल है तो आपने डेरा प्रमुख की माता को प्राइवेट अस्पताल में क्यों दाखिल करा रखा है। उनकी एंजीयोग्राफी भी हो चुकी है। गुरमीत को छोड़ उनका पूरा परिवार जब उनके साथ है तो गुरमीत को पैरोल की क्या जरूरत है। बता दें कि इससे पहले भी गुरमीत ने अपनी दत्तक बेटी की शादी में जाने के लिए पैरोल की मांग को लेकर हाई कोर्ट से याचना की थी, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया था। उसके बाद खेती के लिए जेल अधीक्षक से पैरोल मांगी, लेकिन वह अर्जी भी बाद में वापस ले ली गई थी।

पीठ ने याचिका पर ही उठाया सवाल

हुआ यह कि याचिका पर सुनवाई प्रारंभ होते ही पीठ ने डेरा प्रमुख की पत्नी द्वारा याचिका दायर करने पर ही सवाल उठा दिया। पीठ ने कहा कि आप का किस अधिकार से यह याचिका दायर कर रही हैं। गुरमीत स्वयं पैरोल की याचिका क्यों दायर नहीं करता?

गुरमीत की पत्नी के वकील की दलील

गुरमीत दो साल से जेल में है और उसका आचरण भी अच्छा है, इसलिए वह पैरोल का अधिकारी है, लेकिन हरियाणा सरकार ने उनको पैरोल नहीं दिया। गुरमीत की पत्नी के वकील ने कहा कि डेरा प्रमुख के खिलाफ लगभग 19 साल तक केस चला और कभी भी कानून व्यवस्था की समस्या नहीं आई। आप इतिहास देख सकते हैं।

अतीत की बात न करें तो ही अच्छा

पीठ ने कहा कि राज्य ने कानून व्यवस्था के आधार पर पैरोल नहीं दिया। आपको पता है कि दो साल पहले पंचकूला में क्या हुआ था ? गुरमीत सजा होने से पहले क्या कभी पुलिस हिरासत में गए थे? आप अतीत की बात न ही करें तो अच्छा है। गुरमीत का कोई सामान्य केस नहीं है कि आप अच्छे आचरण के आधार पर पैरोल की मांग कर रहे हो।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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