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हरियाणा में निवेश की नई जमीन तैयार, मेक इन इंडिया के साथ अब मेड विद स्वीडन पर जोर

Published: Thu, 15 Oct 2026 08:07 PM (IST)

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वीडन में उद्योग प्रतिनिधियों से मुलाकात कर हरियाणा को निवेश केंद्र बनाने का प्रस्ताव रखा। ...और पढ़ें

हरियाणा में स्वीडिश निवेश को बढ़ावा, सीएम सैनी ने की उद्योगपतियों से वार्ता।

हरियाणा में स्वीडिश निवेश को बढ़ावा, सीएम सैनी ने की उद्योगपतियों से वार्ता।

HighLights

  1. मुख्यमंत्री ने स्वीडिश उद्योगपतियों को हरियाणा में निवेश के लिए आमंत्रित किया।

  2. 'मेक इन इंडिया' और 'मेड विद स्वीडन' साझेदारी पर विशेष जोर दिया गया।

  3. 2027 के ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में शामिल होने का न्योता दिया।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा को स्वीडिश कंपनियों के लिए निवेश केंद्र बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वीडन में उद्योग प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल वार्ता की। शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल और राज्य सरकार के अधिकारी भी इसमें शामिल हुए।

मुख्यमंत्री और मंत्री ने स्वीडिश उद्योगपतियों को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि सरकार नए उद्योगों की स्थापना, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक साझेदारी के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों को 2027 में होने वाली हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में शामिल होने का न्योता दिया।

वार्ता में आइकिया की 3,500 करोड़ रुपये की परियोजना और कार्ल गुस्ताफ संयंत्र से जुड़े अवसरों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान और स्वीडन की तकनीकी विशेषज्ञता को जोड़कर ‘मेड विद स्वीडन’ साझेदारी को नई दिशा दी जा सकती है।

उन्होंने मई 2026 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्वीडन यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी और साझा पंचवर्षीय कार्ययोजना से सहयोग के नए अवसर बने हैं। दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में व्यापार, निवेश सहित आर्थिक आदान-प्रदान दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।

मुख्यमंत्री ने हरियाणा के औद्योगिक आधार, कुशल मानव संसाधन और बड़े बाजारों तक पहुंच को निवेश की प्रमुख ताकत बताया। उन्होंने कहा कि इन्वेस्ट हरियाणा सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया गया है, जिससे निवेश प्रक्रिया सरल और तेज होगी। हरियाणा उत्तर भारत के बड़े बाजारों तक पहुंच का अहम प्रवेश द्वार है।

उन्होंने कंपनियों से राज्य के औद्योगिक अवसरों का लाभ उठाने और दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने का आग्रह किया। विपुल गोयल ने कहा कि सरकार मौजूदा निवेश संबंधों को आगे बढ़ाकर नए उद्योगों और तकनीकी सहयोग के अवसर हरियाणा में लाने का प्रयास कर रही है।