जेएनएन, पंचकूला। डेरा प्रमुख को सजा सुनाने वाले विशेष सीबीआइ कोर्ट के न्यायधीश जगदीप सिंह ने एक अनोखा उदाहरण पेश किया। उन्‍हाेंने रिश्वतखोरी के मामले में गवाहों को दोबारा क्रॉस एग्जामिनेशन के लिए बुलाने पर खर्च होने वाली राशि केरल के बाढ़ पीडि़तों के लिए जमा करवाने के निर्देश दिए।

कोर्ट ने आरोपितों से कहा कि पहले केरल के बाढ़ आपदा पीडि़तों की मदद करो, उसके बाद क्रॉस एग्जामिनेशन होगा। सीबीआइ अदालत केंद्रीय उत्पाद शुल्क (लेखा परीक्षा) के अधिकारियों अनिल कुमार, रविंद्र सिंह और अजय कुमार पर लगे रिश्वतखोरी के आरोपों पर सुनवाई कर रही थी।

यह मामला 2017 में सामने आया था। अनिल कुमार और अजय कुमार अधीक्षक थे, जबकि रविंदर सिंह मुरथल में इंस्पेक्टर थे। मामले में कोर्ट में दो अभियोजन गवाह दलीप चंद और अभिषेक कुमार का क्रॉस एग्जामिनेशन होना था। इन गवाहों का क्रॉस एग्जामिनेशन पूर्व में स्थगित कर दिया गया था।

सोमवार को पंचकूला अदालत में हड़ताल थी, इसलिए उनका वकील क्रॉस एग्जामिनेशन के लिए उपस्थित नहीं हो सका। इसके बाद मंगलवार काे इस पर जज ने यह अादेश दिया। गौरतलब है कि सीबीआइ के मुताबिक शिकायतकर्ता दीपक जैन से आरोपितों ने 10 लाख रुपये और एक सैमसंग मोबाइल फोन की मांग की थी। यह सौदा तीन लाख रुपये की पहली किस्त के साथ नौ लाख रुपये में तय किया गया था।

Posted By: Sunil Kumar Jha