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जातीय जनगणना में OBC के लिए अलग कॉलम की मांग, हरियाणा कांग्रेस ने राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

Published: Wed, 07 Oct 2026 04:41 PM (GMT+05:30)

हरियाणा कांग्रेस ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा, जिसमें जातीय जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए अलग और स्पष्ट कॉलम रखने की मांग की गई।

जनगणना में ओबीसी के अलग कॉलम की मांग को लेकर राजभवन पहुंचे हरियाणा के कांग्रेस नेता।

जनगणना में ओबीसी के अलग कॉलम की मांग को लेकर राजभवन पहुंचे हरियाणा के कांग्रेस नेता।

HighLights

  1. कांग्रेस ने राजभवन में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा

  2. जातीय जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम की मांग

  3. सटीक आंकड़ों से ही सामाजिक न्याय संभव, कांग्रेस का मत

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की जातीय जनगणना में खामियां होने का आरोप लगाते हुए हरियाणा कांग्रेस ने बुधवार को राजभवन पहुंचकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त, प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, ओबीसी सेल के प्रदेश अध्यक्ष एवं आदमपुर के विधायक चंद्र प्रकाश और पूर्व सांसद राज बब्बर के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए जनगणना में ओबीसी के लिए अलग और स्पष्ट कॉलम रखने की मांग की।

सामाजिक न्याय के लिए जातीय आंकड़ों का सटीक होना जरूरी: कांग्रेस

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों के लिए प्रभावी नीतियां बनाने के लिए जातीय आंकड़ों का सटीक होना जरूरी है। यदि ओबीसी की आबादी का स्पष्ट आंकड़ा सामने नहीं आया तो इस वर्ग के लिए बनाई जाने वाली सरकारी योजनाओं और नीतियों का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचेगा।

कांग्रेस ने 14 अगस्त को जारी जातीय जनगणना की अधिसूचना में दसवें नंबर पर दिए गए एससी-एसटी एवं अन्य जातियों के कॉलम पर भी सवाल उठाए।

'बिना ओबीसी के अलग कॉलम के जातीय जनगणना मंजूर नहीं'

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी ने लोकसभा में ओबीसी की जातीय गणना की मांग उठाई थी और सरकार ने अलग से गणना कराने का भरोसा दिया था। यह आश्वासन अभी तक पूरा नहीं हुआ। नेताओं ने राज्यपाल से स्पष्ट कहा कि अलग ओबीसी कॉलम के बिना जातीय जनगणना की व्यवस्था स्वीकार नहीं की जाएगी।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में एक ही जाति को अलग-अलग उपनाम, स्थानीय नाम, बोली और अलग-अलग वर्तनी से जाना जाता है। यदि गणना के दौरान केवल व्यक्ति द्वारा बताए गए नाम को दर्ज किया गया तो एक ही समाज कई अलग-अलग नामों में दर्ज हो सकता है। इससे ओबीसी, अति पिछड़े और शिल्पी वर्गों का वास्तविक आंकड़ा प्रभावित होने की आशंका है।

राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में कांग्रेस शासित तेलंगाना में कराए गए सामाजिक-आर्थिक, शैक्षणिक एवं राजनीतिक सर्वेक्षण (सीप) के माडल और अनुभवों का अध्ययन कर उसे अपनाने का सुझाव दिया गया है। राज्यपाल से मिलने वालों में विधायक अशोक अरोड़ा, आफताब अहमद, गीता भुक्कल, मंजू चौधरी, बीबी बत्रा और मामन खान समेत कई नेता शामिल रहे।

इसके बाद कांग्रेस प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा, चंद्र प्रकाश और राज बब्बर की मौजूदगी में ओबीसी सेल के पदाधिकारियों की बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की।