विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दिल्ली-करनाल नमो भारत: मिट्टी की जांच हुई पूरी; अब 136 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर बनेंगे 17 स्टेशन

Published: Sun, 11 Oct 2026 06:45 PM (GMT+05:30)

दिल्ली-करनाल नमो भारत कॉरिडोर के लिए मिट्टी परीक्षण और जियोटेक्निकल जांच पूरी हो गई है। यह 136 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर 33 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनेगा।

दिल्ली-करनाल नमो भारत कॉरिडोर के लिए मिट्टी परीक्षण, जियोटेक्निकल जांच हुई पूरी।

दिल्ली-करनाल नमो भारत कॉरिडोर के लिए मिट्टी परीक्षण, जियोटेक्निकल जांच हुई पूरी।

HighLights

  1. दिल्ली-करनाल नमो भारत कॉरिडोर की मिट्टी जांच पूरी

  2. 136 किमी लंबा कॉरिडोर, 33 हजार करोड़ रुपये लागत

  3. दिल्ली से करनाल का सफर अब डेढ़ घंटे में

सत्येंद्र सिंह, चंडीगढ़। दिल्ली से करनाल के बीच नमो भारत ट्रेन चलाने की दिशा में तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। प्रस्तावित दिल्ली-करनाल नमो भारत कॉरिडोर के लिए मिट्टी परीक्षण और जियोटेक्निकल जांच पूरी कर ली गई है।

इस जांच के आधार पर अब एलिवेटेड ट्रैक (ऊंचे रेल पुल) और पिलर की नींव की संरचना तय करने में मदद मिलेगी। कॉरिडोर के निर्माण में मिट्टी की प्रकृति, उसकी मजबूती और भार सहने की क्षमता को ध्यान में रखा जाएगा।

परियोजना के तहत दिल्ली से करनाल की दिशा में निर्धारित अंतराल पर मशीनों की मदद से जमीन की खुदाई कर मिट्टी के नमूने एकत्र किए गए। इन नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया।

जांच रिपोर्ट के आधार पर इंजीनियर यह तय कर सकेंगे कि अलग-अलग स्थानों पर एलिवेटेड ट्रैक और पिलर की नींव किस प्रकार की बनाई जानी चाहिए। इससे कॉरिडोर के निर्माण की तकनीकी योजना तैयार करने में मदद मिलेगी।

136 किलोमीटर लंबा होगा यह कॉरिडोर

दिल्ली से करनाल तक प्रस्तावित यह हाईस्पीड रेल कॉरिडोर करीब 136 किलोमीटर लंबा होगा और सरकार की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं में शामिल है। नमो भारत ट्रेन का संचालन दिल्ली के सराय काले खां से प्रस्तावित है।

यहां से कॉरिडोर नरेला, कुंडली, सोनीपत, गन्नौर और पानीपत होते हुए करनाल तक पहुंचेगा। परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली से करनाल के बीच का सफर करीब डेढ़ घंटे में पूरा होने की उम्मीद है।

परियोजना में 33 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान

रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) की इस परियोजना पर करीब 33 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें हरियाणा सरकार की हिस्सेदारी 7,472 करोड़ रुपये होगी। कॉरिडोर के लिए हरियाणा सरकार रूट में आने वाली जमीन की सीधे खरीद करने की योजना भी बना चुकी है।

मिट्टी परीक्षण और जियोटेक्निकल जांच पूरी होने के बाद अब इसकी रिपोर्ट के आधार पर निर्माण से जुड़ी तकनीकी तैयारियों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। मजबूत नींव का निर्धारण इस कॉरिडोर के सुरक्षित और टिकाऊ निर्माण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

दिल्ली से करनाल तक बनेंगे 17 स्टेशन

प्रस्तावित कॉरिडोर पर कुल 17 स्टेशन बनाए जाने हैं। इन्हें दिल्ली, सोनीपत, पानीपत और करनाल क्षेत्र में विकसित करने की योजना है।

  • दिल्ली
  • सराय काले खां
  • नरेला
  • सोनीपत
  • कुंडली
  • बहालगढ़ चौक
  • मुरथल
  • गन्नौर
  • बरही
  • केएमपी
  • पानीपत
  • समालखा
  • सिवाह
  • पानीपत सिटी
  • करनाल
  • कोहांड
  • घरौंडा
  • करनाल आईएसबीटी
  • सेक्टर-7
  • करनाल बाईपास

यह भी पढ़ें- अरे बाप रे! हरियाणा के खेतों में बैठकर अमेरिका को ऐसे लगा रहे थे चूना, अब तक 12 आरोपी गिरफ्तार