चंडीगढ़ [अनुराग अग्रवाल]। Delhi Election Result : दिल्ली के चुनावी रण में आम आदमी पार्टी को जीत दिलाने में अरविंद केजरीवाल की टीम हरियाणा का दमखम भी काम आया है। आम आदमी पार्टी की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष नवीन जयहिंद के नेतृत्व में राज्य के करीब दो हजार प्रमुख कार्यकर्ताओं ने जिन 17 विधानसभा सीटों पर प्रचार किया, उनमें से 16 पर आम आदमी पार्टी की जीत हुई है। एकमात्र रोहिणी विधानसभा सीट ऐसी है, जहां आम आदमी पार्टी जीत से वंचित रह गई है।

आउटर दिल्ली की 17 विधानसभा सीटों पर हरियाणा के भाजपा और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने जीत के लिए पूरा दमखम लगाया हुआ था। हरियाणा कांग्रेस की ओर से इन सीटों पर चुनाव प्रचार की औपचारिकता मात्र निभाई गई। आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ चर्चा के बाद 200 से 250 टीमें तैयार की, जिनमें पांच से 10 प्रमुख कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया।

काल कैंपेन से लेकर डोर-टू-डोर जनसंपर्क अभियान के तहत टीम केजरीवाल ने आउटर दिल्ली की सभी 17 सीटों पर फोकस रखा। इनमें किराड़ी, तुगलकाबाद, आदर्श नगर, शालीमार बाग, नरेला, बादली, रिठाला, बवाना, रोहिणी, मुंडका, नांगलोई जाट, मादीपुर, राजौरी गार्डन, हरिनगर, तिलकनगर और जनकपुरी विधानसभा सीटें शामिल हैैं।

भाजपा ने इन सभी सीटों पर दो-दो प्रभारी नियुक्त कर रखे थे, लेकिन भाजपा का जादू यहां चल नहीं पाया है। हालांकि भाजपा ने अधिकतर उन नेताओं को ही आउटर दिल्ली की हरियाणा से सटी विधानसभा सीटों पर प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी थी, जो या तो चुनाव हार गए थे या फिर जिनकी टिकट कट गई थी।

आम आदमी पार्टी की हरियाणा ईकाई के अध्यक्ष पंडित नवीन जयहिंद की टीम ने उनके नेतृत्व में आउटर दिल्ली की सीटों पर प्रचार किया। जयहिंद की धर्मपत्नी स्वाति मालीवाल दिल्ली महिला आयोग की चेयरपर्सन हैं। अरविंद केजरीवाल खुद भिवानी जिले की सिवानी मंडी के रहने वाले हैैं। उनका खुद का हरियाणा कनेेक्शन इस चुनाव में खासा काम आया है।

क्या कहते हैं राजनीतिक दलों के नेता

हरियाणा के बेटे अरविंद केजरीवाल ने बजरंग बली की कृपा और दिल्ली की जनता के सहयोग से भाजपा की लंका को आग लगा दी। इसमें हरियाणा के लोगों का भी खासा सहयोग रहा। यह जीत दिल्ली और हरियाणा दोनों राज्यों की जीत है। - नवीन जयहिंद, अध्यक्ष आप, हरियाणा

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दिल्ली में लोग भाजपा को हराना चाहते थे। उनके पास आम आदमी पार्टी के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं था। इसलिए वहां भाजपा को हराने के लिए लोगों ने आप को वोट दिए। बहरहाल, इन चुनाव नतीजों से कांग्र्रेस को मंथन की जरूरत है। - भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व सीएम, हरियाणा

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राष्ट्रीय दलों को जनता नकार रही है। जनता को अब विकल्प की जरूरत है। कांग्र्रेस की गलत नीतियों का ही नतीजा है कि आज वह चार फीसदी वोट पर सिमट गई। भाजपा को लोग पसंद नहीं करते। इसलिए आप की विजय हुई। वहां भाजपा व कांग्र्रेस की मिलीभगत नहीं चली। - डा. अशोक तंवर, पूर्व अध्यक्ष, हरियाणा कांग्रेस

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दिल्ली के विधानसभा चुनाव में मुद्दों की हार हो गई और मुफ्तखोरी जीत गई है। इससे अधिक और क्या कहें। - अनिल विज, गृह मंत्री, हरियाणा

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दिल्ली की रोहिणी सीट पर प्रभारी के तौर पर मुझे जिम्मेदारी मिली थी। लगातार प्रचार और बैठकें की। भाजपा प्रत्याशी विजेंद्र गुप्ता 12 हजार से अधिक मतों से चुनाव जीते। जनता ने यहां भाजपा पर भरोसा जताया है।

- मनीष ग्रोवर, पूर्व मंत्री, हरियाणा सरकार

Posted By: Kamlesh Bhatt

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