विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दिल्ली में दीपेंद्र हुड्डा का शक्ति प्रदर्शन, राहुल-प्रियंका के साथ दिखे कंधे से कंधा मिलाकर; विरोधियों को दिया संदेश

Published: Mon, 12 Oct 2026 10:08 PM (IST)

दिल्ली में कांग्रेस के आंदोलन में हरियाणा के नेताओं की बड़ी भागीदारी ने हुड्डा परिवार के प्रभाव को फिर से चर्चा में ला दिया है।

कांग्रेस के शक्ति प्रदर्शन में हुड्डा फैक्टर हावी, दीपेंद्र ने दिखाई ताकत।

कांग्रेस के शक्ति प्रदर्शन में हुड्डा फैक्टर हावी, दीपेंद्र ने दिखाई ताकत।

HighLights

  1. दिल्ली आंदोलन में हुड्डा परिवार का प्रभाव स्पष्ट दिखा

  2. दीपेंद्र हुड्डा की राहुल-प्रियंका के साथ सक्रिय मौजूदगी

  3. हरियाणा कांग्रेस में हुड्डा खेमे की राजनीतिक अहमियत बढ़ी

अनुराग अग्रवाल, चंडीगढ़। नई दिल्ली में कांग्रेस के आंदोलन में हरियाणा के नेताओं और कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी ने कांग्रेस की सियासत में एक बार फिर हुड्डा परिवार के प्रभाव को चर्चा में ला दिया है।

आंदोलन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के समर्थकों की प्रभावशाली मौजूदगी उनके विरोधियों के लिए स्पष्ट संदेश देने वाली साबित हुई।

दीपेंद्र हुड्डा के आवास पर जुटे सांसदों और विधायकों के साथ कई जिला प्रधानों व ब्लॉक अध्यक्षों ने मान लिया कि कांग्रेस की राजनीति में उनके विरोधियों को करीब आने में अभी समय लग सकता है।

दिल्ली में दीपेंद्र हुड्डा ने दिखाई ताकत

दिल्ली में पिछले कई दिनों से जारी कांग्रेस के आंदोलन के दौरान दीपेंद्र सिंह हुड्डा की राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ लगातार मौजूदगी भी राजनीतिक नजरिये से महत्वपूर्ण रही है। इससे पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ उनकी सक्रियता और संवाद की तस्वीर सामने आई हैं।

हरियाणा कांग्रेस में भूपेंद्र सिंह हुड्डा का लंबे समय से प्रभाव है और उनके बाद दीपेंद्र सिंह हुड्डा को उस राजनीतिक विरासत के प्रमुख चेहरे के तौर पर देखा जाता है।

हालांकि, इस विरासत का भविष्य केवल किसी एक आंदोलन में जुटी भीड़ से तय नहीं होगा, बल्कि संगठन में उनकी भूमिका और प्रदेश की राजनीति में अन्य नेताओं के साथ तालमेल भी अहम रहेगा, लेकिन इस बात को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि दिल्ली में कांग्रेस के कार्यक्रमों में हर बार हुड्डा फैक्टर साफ दिखाई देता है।

हुड्डा खेमे की राजनीतिक अहमियत को नजरअंदाज करना आसान नहीं

हरियाणा कांग्रेस में हुड्डा परिवार का प्रभाव विधायकों और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच उनकी पकड़ से भी जुड़ा है। पार्टी के अनेक विधायक भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा के करीबी माने जाते हैं। दिल्ली के आंदोलन में इस समर्थक आधार की सक्रियता ने संकेत दिया कि प्रदेश कांग्रेस के भीतर हुड्डा खेमे की राजनीतिक अहमियत को नजरअंदाज करना आसान नहीं है।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा सार्वजनिक तौर पर राजनीति से संन्यास लेने की बात को खारिज करते रहे हैं। इसके बावजूद पार्टी के भीतर भविष्य की नेतृत्व संरचना को लेकर दीपेंद्र की भूमिका पर चर्चा होती रहती है। उन्हें अपने पिता की राजनीतिक विरासत आगे बढ़ाने वाले चेहरे के रूप में देखा जाता है।

हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी संजय दत्त और प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने तैयारियों के दौरान विधायकों, जिला अध्यक्षों, ब्लॉक अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय पर पूरा ध्यान दिया। संगठन के विभिन्न स्तरों तक संदेश पहुंचाने और कार्यकर्ताओं को दिल्ली लाने में उनकी भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है।

कुमारी सैलजा समेत प्रदेश कांग्रेस के अन्य नेताओं की भागीदारी ने पार्टी की व्यापक मौजूदगी का अहसास दिल्ली में कराया है। ऐसे में दिल्ली के आंदोलन ने एक ओर हुड्डा परिवार के प्रभाव और दीपेंद्र की सक्रियता को रेखांकित किया है तो वहीं संगठनात्मक नेतृत्व की दिशा में हो रहे काम को भी उजागर किया है।