कांग्रेसी दिल्ली में दिखाएंगे दम, हुड्डा के गढ़ में भाजपाई करेंगे मार्च; आज रोहतक में नितिन नवीन निकालेंगे पदयात्रा
हरियाणा में वोट चोरी और मतदाता सूची पुनरीक्षण के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं, दोनों दल रविवार को शक्ति प्रदर्शन करेंगे। कांग्रेस दिल्ली में रैली करेगी।

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन। फाइल फोटो
HighLights
कांग्रेस दिल्ली में वोट चोरी पर शक्ति प्रदर्शन करेगी।
भाजपा हुड्डा के गढ़ रोहतक में पदयात्रा निकालेगी।
दोनों दल एक-दूसरे पर राजनीतिक पाखंड का आरोप लगा रहे।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में वोट चोरी और मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण (एसआइआर) के मुद्दे पर आमने-सामने हुई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस रविवार को शक्ति प्रदर्शन करेंगी।
पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी संजय दत्त और प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र ने जहां दिल्ली रैली को नाक का सवाल बनाते हुए ऐतिहासिक भीड़ जुटाने के लिए पूरा जोर लगाया है, वहीं भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन हुड्डा के गढ़ रोहतक में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकालेंगे। 12 जिलों के भाजपा कार्यकर्ता पैदल मार्च में शामिल होंगे।
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने रोहतक में भाजपा अध्यक्ष की पदयात्रा को कांप्लीमेंट करार देते हुए दावा किया कि भाजपा भले ही सोच रही है कि उनके घर के सामने प्रदर्शन से उनकी रैली में भीड़ कम जुटेगी, लेकिन अब डेढ़ गुणा लोग दिल्ली पहुंचेंगे।
वहीं, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे को सौभाग्य करार देते हुए कहा कि पदयात्रा को लेकर कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह है। कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरे समर्पण और सुनियोजित ढंग से की गई हैं।
'जनता का ध्यान भटका रही बीजेपी'
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान, लोकतंत्र पर अपने ही हमले से जनता का ध्यान भटकाने की एक कवायद मात्र है। ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ नाम से अभियान शुरू करने का निर्णय राजनीतिक पाखंड की पराकाष्ठा है।
यह चुनावी पारदर्शिता और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता से जुड़े असहज सवालों से देश का ध्यान भटकाने की एक हताश कोशिश है। जिस पार्टी ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को व्यवस्थित रूप से कमजोर किया, वह आज लोकतंत्र की दुहाई दे रही है। जिस पार्टी को अपने अनुकूल चुनाव आयोग चाहिए, वह आज विपक्ष को लोकतांत्रिक मूल्यों का पाठ पढ़ा रही है।
'शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन अराजकता नहीं'
जिस पार्टी के पास कथित ‘वोट चोरी’ के गंभीर आरोपों का कोई जवाब नहीं है, वह जवाब मांगने वालों को ही अराजकतावादी बता रही है। हर कोई जानता है कि चुनाव आयोग से सवाल पूछना अराजकता नहीं है। जवाबदेही की मांग करना अराजकता नहीं है। शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन अराजकता नहीं हैं। चुनावी अनियमितताओं को उजागर करना और प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की रक्षा करना अराजकता नहीं है। बल्कि यही लोकतंत्र का वास्तविक सार है।
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