जागरण संवाददाता, पंचकूला : हाई एनर्जी मैटेरियल्स सोसायटी आफ इंडिया, चंडीगढ़-दिल्ली चैप्टर ने टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी चंडीगढ़ के सहयोग से टीबीआरएल रेंज, रामगढ़, पंचकूला में तीन दिवसीय 13वें अंतर्राष्ट्रीय उच्च ऊर्जा सामग्री सम्मेलन और प्रदर्शन, एचईएमसीई-2022 का आयोजन किया। मुख्यातिथि रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डा. जी सतीश रेड्डी ने उद्घाटन किया। डीएस और महानिदेशक आयुद्ध डा. पीके मेहता, डीएस और महानिदेशक मिसाइल और सामरिक प्रणाली डा. बीएचवीएस नारायण मूर्ति और डीएस और निदेशक डा. ए राजराजन, अंतरिक्ष केंद्र-शार सतीश धवन विशिष्ट अतिथि रहे।

डा. जी सतीश रेड्डी ने कहा कि एचईएमसीई-2022 जैसा सम्मेलन ऊर्जावान सामग्री में प्रगति में ज्ञान और अनुभव को साझा करने के लिए एक आदर्श मंच है, जिसे सफल प्रौद्योगिकियों का नेतृत्व करना चाहिए। सहयोगात्मक अनुसंधान एवं विकास आगे का रास्ता है। डीआरडीओ-उच्च ऊर्जा सामग्री और शाक एंड डेटोनिक्स में उत्कृष्टता केंद्र की योजना आइआइटी में शिक्षा की क्षमता का दोहन करने के लिए बनाई गई है। उद्योग, एमएसएमई और स्टार्ट अप प्रौद्योगिकी विकास कोष के माध्यम से विकास के प्रयासों में शामिल हैं। डीआरडीओ पेटेंट भारतीय उद्योग के लिए बिना किसी कीमत के उपलब्ध हैं।

डा. केपीएस मूर्ति ने भारत की तकनीकी प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में एचईएमएसआइ की भूमिका की सराहना की। उद्योग की भागीदारी जबरदस्त है और उनकी प्रतिक्रिया आरएंडडी चरण में दैनिक भाग लेने और निर्बाध तरीके से उत्पादन के लिए तैयार होने के उद्देश्यपूर्ण सहयोगात्मक प्रयासों के लिए प्रदान करती है।

कार्यक्रम में 100 से अधिक भारतीय अकादमिक प्रतिनिधि और डीआरडीओ, डीएई, इसरो, सीएसआईआर, सेवाओं के 600़ वैज्ञानिक समुदाय भाग ले रहे हैं। सम्मेलन के लिए रूस, जर्मनी, चेक गणराज्य, इजराइल आदि सहित 10 से अधिक देशों ने पंजीकरण कराया है। यह सम्मेलन उच्च ऊर्जा सामग्री से संबंधित रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में चर्चा करने, अनुसंधान कार्य साझा करने और वैज्ञानिक ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगा। 70 से अधिक संस्थानों के प्रतिनिधि, 50 उद्योग भागीदार प्रदर्शक के रूप में उच्च ऊर्जा सामग्री और संबंधित प्रौद्योगिकियों से संबंधित अपने काम का प्रदर्शन करेंगे।

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