जेएनएन, चंडीगढ़। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 12वीं की बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। परीक्षा में चंडीगढ़ व हरियाणा के बच्चों ने भी मेरिट में स्थान हासिल किया है। जींद के BRSK international school (बीआरएसके इंटरनेशनल स्कूल) की भव्या ने देशभर में संयुक्त रूप से दूसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं, हिसार के विद्या देवी जिंदल स्कूल की छात्रा रुबानी चीमा ने 497 अंक लेकर संयुक्त रूप देशभर में तीसरा स्थान हासिल किया है। 

भवन विद्यालय चंडीगढ़ के दिशांत जिंदल ने 497 अंक हासिल कर सीबीएसई 12वीं के एग्जाम में ऑल इंडिया लेवल पर संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया है। दिशांत ने इससे पहले जेईई मेंस में ऑल इंडिया लेवल पर 57 रैंक हासिल किया था। स्टूडेंट्स सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbseresult.nic.in cbse.nic.in पर जाकर अपना रिजल्‍ट देख सकते हैं।

हर एक्टिविटी में हिस्सा लेती हैं भव्या

CBSE की 12वीं परीक्षा में देशभर में दूसरे नंबर पर रहने वाली जींद के गांव उरलाना कलां की बेटी भव्या सफीदों के बीआरएसके इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ती है। भव्या की मां जेबीटी, एमए अंग्रेजी हैंं और गांव में ही प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती हैं, जबकि दादी राधा भाटिया रिटायर्ड शिक्षिका हैं।

भव्या के पिता गांव में ही बुक डिपो चलाते हैं। भव्या ने दसवीं में भी 10 सीजीपीए ग्रेड हासिल किया था। भव्या को गाने व डांसिंग का भी शौक है। स्कूल में होने वाली हर एक्टिविटी में हिस्सा लेती हैंं। हिंदी में भाषण देने के अलावा अंग्रेजी में कविताएं पढ़ना व सुनाना भी पसंद है।

किसान की बेटी ने ऑल इंडिया थर्ड रैंक हासिल की 

पढ़ने के लिए न दिन देखा न रात। शाम को पढ़ाई शुरू करती तो पता नहीं चलता अगले दिन सुबह कब हो गई। यह कहना है हिसार में विद्या देवी जिंदल स्कूल में पढ़ने वाली सीबीएसई 12वीं में देश में थर्ड रैंक लेने वाली रूबानी चीमा का। रुबानी ने परीक्षा में 500 में से 497 अंक हासिल किए हैं। करनाल के तरावड़ी की रहने वाली रूबानी के पिता अमन दीप सिंह चीमा किसान हैं। माता गगनदीन कौर गृहणी हैं। बड़ा भाई कनाड़ा में पढ़ाई करता हैं। दादा रघुबीर सिंह और दादी बलबीर कौर की लाड़ली रूबानी का सपना जज बनने का है।

रूबानी का कहना है उनके परिवार में अधिकतर सदस्य विदेश में जाकर नौकरी करना पसंद करते हैं। मगर मेरा सपना देश में रहकर समाज की सेवा करना का है, इसलिए मैं बड़ी होकर जज बनना चाहती हूं। रूबानी ने बताया कि उसकी सफलता का राज सीबीएसई के पुराने पेपर सोल्व करना है। पुराने पेपर सोल्व करने से यह क्लीयर हो गया कि पेपर में क्या पूछा जाता है कहां से अधिकतर प्रश्न पूछे जाते हैं। रूबानी ने बताया कि वह रोजाना 7 से 8 घंटे तक पढ़ती थी। जब वह पढ़ते-पढ़ते बोर हो जाती तो अपनी सहेलियों के साथ होस्टल में बात कर लेती या बाहर घूमने चली जाती थी। 

पंचकूला जोन का परीक्षा परिणाम 87.57 फीसद

पंचकूला जोन में इस बार परीक्षा परिणाम 87.57 फीसद रहा। साल 2018 में पास प्रतिशत 85.65 प्रतिशत रहा था। परिणामों में एक बार फिर लड़कियों ने बाजी मारी। लड़कियों का पास प्रतिशत 92.00 रहा, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 83.85 रहा। पंचकूला जोन में पांच राज्य हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर एवं चंडीगढ़ आते हैं।

बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी करनैल सिंह के अनुसार, रीजन में इस बार 87.57 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए। पंचकूला जोन में इस बार हुए परीक्षा में 2,11,871 विद्यार्थी शामिल हुए। उन्होंने बताया कि कुल 1,22,463 लड़कों ने बाहरवीं की परीक्षा दी, जिसमें से 96163 पास हुए। इस प्रकार लड़कों का पास प्रतिशत 84.22 रहा। इसी प्रकार 89408 लड़कियां ने परीक्षा दी और इनमें से 79,559 पास हुईं। उनका पास प्रतिशत 92.00 रहा।

करनैल सिंह ने बताया कि सरकारी स्कूलों के लड़कों का पास प्रतिशत 78.30 रहा और 84.84 प्रतिशत लड़कियां पास हुईं। निजी स्कूलों के 83.85 प्रतिशत लड़के और 92.14 प्रतिशत लड़कियां पास हुईं। इसी प्रकार, जेएनवी स्कूलों के लड़कों का पास प्रतिशत 96.79 और लड़कियों का 98.42 रहा। केवीएस स्कूलों के 98.75 लड़के और 99.10 प्रतिशत लड़कियां पास हुईं।

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