राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। Electric Vehicle : हरियाणा सरकार राज्‍य मेंं इलेक्ट्रिक वाहनाें को बढ़ावा देगी। इसके लिए राज्‍य सरकार ये वाहन बनाने वाली कंपनियाें पर मेहरबान हो गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनियों को अपने प्रदेश में आमंत्रित किया है। इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनियों को प्रदेश सरकार अपने राज्य में न केवल रियायतें देगी, बल्कि कैपिटल सब्सिडी भी प्रदान की जाएगी।

राज्‍य सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए योजना तैयार की 

हरियाणा के 22 जिलों में से 14 जिले एनसीआर में आते हैं और उन पर वायु व ध्वनि प्रदूषण समेत एनजीटी के अन्य प्रतिबंध लागू होते हैं। केंद्र सरकार की तर्ज पर हरियाणा सरकार ने अपने राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन को प्रोत्साहित करने की योजना तैयार की है।

वाहन निर्माताओं को मिलेगा विशेष छूट का ‘बोनांजा’

मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निर्देश पर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने ‘हरियाणा इलेक्ट्रिक-व्हीकल पालिसी-2022’ अधिसूचित की है। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला इस विभाग के मंत्री हैं। इस पालिसी से राज्य में बिजली से चलने वाले इलेक्ट्रिक-वाहनों की ‘सेल-स्पीड’ बढ़ने की पूरी उम्मीद है। सरकार द्वारा जहां लोगों को इलेक्ट्रिक-वाहनों के प्रयोग हेतु जागरूक करने के लिए अभियान चलाया गया है। 

वहीं परिवहन मंत्री पंडित मूलचंद शर्मा स्वयं फील्ड में उतरकर लोगों को जागरूक बना रहे हैं। साथ ही प्रदेश सरकार ने इलेक्ट्रिक-वाहन निर्माता कंपनियों के लिए विशेष छूट का ‘बोनांजा’ तैयार किया है, ताकि वे पर्यावरण-अनुकूल वाहन बनाने के लिए प्रेरित हो सकें।

यह भी पढ़ें: Haryana Recruitment: हरियाणा सरकार ने विभिन्‍न विभागों में खत्‍म किए 13462 पद, अब होंगी 51 हजार नई भर्तियां

केंद्र सरकार ने साल 2015 में ‘द फास्टर एडाप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग आफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स इन इंडिया (फेम) स्कीम शुरू की थी, जिसे बाद में वर्ष 2019 में देश में पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए ‘नेशनल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन प्लान’ के तहत आगे बढ़ाया गया।

हरियाणा सरकार ने केंद्र सरकार की बेहतरीन नीति का समर्थन करते हुए अपनी पालिसी बनाई है। प्रदेश सरकार ने इलेक्ट्रिक-वाहन बनाने, ऐसे वाहनों की बैटरी, उपकरण व चार्जिंग स्टेशन के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने से संबंधित उद्योग लगाने वालों को भी पालिसी में विशेष राहत देने का निर्णय लिया है। किसी यूनिट में लगने वाली ‘फिक्सड कैपिटल इन्वेस्टमेंट’ में से कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी।

हरियाणा की इलेक्ट्रिक-व्हीकल पालिसी के खास पहलू

हरियाणा सरकार की ‘हरियाणा इलेक्ट्रिक-व्हीकल पालिसी-2022’ के अनुसार राज्य में ‘माइक्रो इंडस्ट्री’ की कैटेगरी में पहली 20 इकाइयों को ‘फिक्सड कैपिटल इन्वेस्टमेंट’ की 25 प्रतिशत या अधिकतम 15 लाख रुपये की राशि, जो भी कम होगी, वह कैपिटल सब्सिडी के रूप में दी जाएगी।

यह भी पढ़ें: JJP MLA सुरजाखेड़ा को महंगा पड़ा भाजपा प्रेम, दुष्‍यंत चौटाला ने खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के चेयरमैन पद से हटाया

‘स्मॉल इंडस्ट्री’ की कैटेगरी में पहली 10 इकाइयों को ‘फिक्सड कैपिटल इन्वेस्टमेंट’ की 20 प्रतिशत या अधिकतम 40 लाख रूपये की राशि जो भी कम होगी वह मिलेगी। ‘मिडियम इंडस्ट्री’ की कैटेगरी में पहली पांच इकाइयों को ‘फिक्सड कैपिटल इन्वेस्टमेंट’ की 20 प्रतिशत या अधिकतम 50 लाख रूपये की राशि, जो भी कम होगी, वह कैपिटल सब्सिडी के रूप में मिलेगी।

लार्ड और मेगा इंडस्ट्री भी होगी लाभान्वित

‘लार्ज इंडस्ट्री’ की कैटेगरी में पहली दो इकाइयों को ‘फिक्सड कैपिटल इन्वेस्टमेंट’ की 10 प्रतिशत या अधिकतम 10 करोड़ रूपये की राशि मिलेगी, जबकि ‘मेगा इंडस्ट्री’ की कैटेगरी में पहली तीन इकाइयों को ‘फिक्सड कैपिटल इन्वेस्टमेंट’ की 20 प्रतिशत या अधिकतम 20 करोड़ रूपये की राशि, जो भी कम होगी, वह कैपिटल सब्सिडी के रूप में मिलेगी।

------

'हरियाणा को वैश्विक केंद्र बनाने की चाह'

'' राज्य सरकार का उद्देश्य इस नीति के माध्यम से पर्यावरण को बेहतर बनाना तथा कार्बन फुटप्रिंट को कम करना है। ‘हरियाणा इलेक्ट्रिक-व्हीकल पालिसी-2022’ का उद्देश्य राज्य के नागरिकों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्रेरित करने में योगदान देना भी है। हम चाहते हैं कि इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के निर्माण के लिए हरियाणा प्रदेश वैश्विक केंद्र बने ताकि यहां अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हों।

                                                                                                  - मनोहर लाल, मुख्यमंत्री, हरियाणा। 

Edited By: Sunil Kumar Jha