चंडीगढ़ [अनुराग अग्रवाल]। हरियाणा सरकार ने फसलों के बढ़े न्यूनतम समर्थन मूल्य को कैश करने के लिए प्रदेश के चार अलग-अलग कोनों में किसान रैलियां करने का अहम निर्णय लिया है। इन सभी रैलियों में मुख्यमंत्री मनोहर लाल भागीदारी करेंगे।

भाजपा सरकार ने रैलियों के लिए ऐसे चार स्थानों का चयन किया है, जिनकी राजनीतिक महत्ता है। यहां फसलें भी अलग-अलग होती हैैं। किसानों का भरोसा जीतने की मंशा से सरकार अहीरवाल, बांगर, जाट और पंजाबी बेल्ट में 21 जुलाई से पांच अगस्त तक यह रैलियां करेगी। इन रैलियों में हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया जाएगा, मगर मुख्य मकसद किसानों को यह समझाने का है कि भाजपा सरकार ने उनकी सुध ली है।

राज्य में 16 लाख से अधिक किसान खेती करते हैं। भाजपा ने पिछले चुनाव के दौरान स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने का वादा किसानों से किया था। अब एमएसपी बढ़ाए जाने से सभी तरह की फसलों खासकर धान उत्पादक किसानों को करीब 1500 करोड़ रुपये का फायदा होगा। कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के अनुसार प्रदेश सरकार इन रैलियों में किसानों को समझाने का प्रयास करेगी कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट चरणों में लागू कर दी गई है। वर्ष 2022 तक सरकार किसानों की आय डबल करने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रही है।

बाजरा, सूरजमुखी, धान और कपास रैलियों का खाका तैयार

किसानों को लुभाने के लिए राज्य में होने वाली चार रैलियां 21 जुलाई से पांच अगस्त तक होंगी। पहली रैली 21 जुलाई को महेंद्रगढ़ (नारनौल) में होगी, जिसे 'बाजरा रैली' का नाम दिया गया है। यहां बाजरे की फसल अधिक होती है। इस रैली के संयोजक प्रो. रामबिलास शर्मा हैैं। दूसरी रैली 22 जुलाई को शाहबाद (कुरुक्षेत्र) में होगी, जिसे 'सूरजमुखी रैली' का नाम दिया गया है। तीसरी रैली 29 जुलाई को घरौंडा (करनाल) में होगी, जिसे 'धान रैली' का नाम दिया गया है। चौथी रैली 5 अगस्त को बरवाला (हिसार) में होगी, जिसे 'कपास रैली' का नाम दिया गया है।

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पूरी पार्टी और सरकार मिलकर करेंगे चारों रैलियां

मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जैन का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की सोच से कहीं अधिक फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की है। इससे न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के किसान खुश हैैं। पूरे राज्य में किसानों की ओर से प्रधानमंत्री का आभार जताने के लिए चार रैलियां की जाएंगी। पूरी पार्टी और सरकार मिलकर इन रैलियों को अंजाम देगी। इन रैलियों के जरिये किसानों के नाम पर अपनी राजनीति चमकाने वालों की बोलती भी बंद हो जाएगी।
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Posted By: Kamlesh Bhatt

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