राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। जेबीटी शिक्षक भर्ती घोटाले में 10 साल की सजा पूरी कर जेल से लौटे हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा चौटाला को दोषी करार देने के बाद अब हरियाणा के उन इनेलो कार्यकर्ताओं को बड़ा झटका लगेगा, जो चौटाला के जेल से बाहर आने से उत्साहित थे। चौटाला को इस मामले में एक साल से पांच साल तक की कैद की सजा हो सकती है। 

चौटाला को राहत दिलाने के लिए कोर्ट में पूरी कोशिश करेंगे वकील

चौटाला ने जेल से बाहर आते ही न केवल कार्यकर्ताओं से लगातार संवाद बनाये रखा, बल्कि हर जिले का दौरा भी किया। 87 साल की उम्र में भी चौटाला का जोश देखने लायक है। जेल से बाहर आते ही चौटाला ने देश में तीसरे मोर्चे के गठन संभावनाएं पैदा कर दी थी, लेकिन उनका यह प्रयास सफल नहीं हो पाया।

इनेलो प्रमुख ओमप्रकाश चौटाला हरियाणा के पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उन्होंने हाल ही में दसवीं और 12वीं की पढ़ाई पूरी की है। उनके राजनीतिक सफर और पढ़ाई पर अभिषेक बच्चन की फिल्म भी आई है। चौटाला ने यह फिल्म देखी है।

चौटाला को सजा 26 मई को सुनाई जाएगी 

जेबीटी शिक्षक भर्ती मामले में सजा पूरी करने के बाद चौटाला पिछले साल दो साल जुलाई को जेल से बाहर आये थे। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद चौटाला के वकील हर्ष कुमार शर्मा ने संभावना जताई है कि उनको कम से कम एक साल और ज्यादा से ज्यादा पांच साल की सजा हो सकती है। चौटाला को सजा 26 मई को सुनाई जाएगी।

चौटाला यदि जेल जाते हैं तो हरियाणा में पूरी तरह से बिखर चुके इनेलो के फिर से खड़ा हो पाने की संभावनाएं धूमिल हो जाएंगी। हालांकि जब चौटाला जेल में रहे, तब उनके छोटे बेटे इनेलो महासचिव अभय सिंह चौटाला ने पूरी मजबूती के साथ पार्टी चलाई और कार्यकर्ताओं का उत्साह कम नहीं होने दिया, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में अब अभय चौटाला की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है।

अभय सिंह चौटाला स्वयं भी भी आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस चल रहा है। ऐसे ही केस का सामना उनके बड़े भाई जननायक जनता पार्टी के अध्यक्ष अजय सिंह चौटाला कर रहे हैं।

हुड्डा को कसूरवार मानता रहा चौटाला परिवार

सीबीआइ ने 26 मार्च 2010 को पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें बताया गया था कि चौटाला ने 1993 से 2006 के बीच उनकी वैध आय से काफी अधिक संपत्ति यानी 6.09 करोड़ रुपये की संपत्ति जुटाई है। यह उनकी आय से कहीं ज्यादा है। हालांकि चौटाला परिवार इन आरोपों को हमेशा से ही राजनीति से प्रेरित बताता रहा है।

वर्ष 2019 में प्रवर्तन निदेशालय ने पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला की तीन करोड़ 68 लाख की संपत्तियों को जब्त कर लिया था। इन संपत्तियों में ओमप्रकाश चौटाला के फ्लैट, प्लाट और जमीन शामिल थे। जब्त की गईं संपत्तियां नई दिल्ली, पंचकूला और सिरसा में हैं। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में मनी लांड्रिंग के तहत दर्ज एफआइआर को लेकर हुई थी।

जेबीटी शिक्षक भर्ती मामला व आय से अधिक संपत्ति मामले में चौटाला परिवार हमेशा कांग्रेस खासकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर उन्हें फंसाने का आरोप लगाता रहा है, जबकि हुड्डा हर बार इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं।

इस तरह से मिल सकेगी चौटाला को राहत

पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला के वकील हर्ष कुमार शर्मा का कहना है कि आय से अधिक संपत्ति के इस मामले में चौटाला को कम से कम सजा की अपील कोर्ट में की जाएगी। 26 मई को सजा पर बहस के दौरान उनका प्रयास यही रहेगा कि सजा कम से कम हो। वह सजा में रियायत के लिए अन्य तर्कों के साथ पूर्व सीएम की उम्र और 90 प्रतिशत तक डिसएबिलीटी (अपंगता) की बात भी रखेंगे।

वह यह भी जज को बताएंगे कि वे 10 साल की सजा काट चुके हैं। जो कस्टडी में समय बीता चुके हैं, वह इस केस की कस्टडी में भी शामिल माना जाए। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का हाल ही में निर्णय आया है कि कोई भी आदमी किसी केस में कस्टडी में है और वो किसी दूसरे केस के अंदर जांच या ट्रायल मे है, तो जो पीरियड उसने पहले केस में बिताया है, वह दूसरे केस में जो फ्रेश उसमें शामिल होगा।

उन्‍होंने कहा कि हमारा प्रयास यही रहेगा कि ओमप्रकाश चौटाला कस्टडी में न जा पाए। वकील ने कहा कि इस केस में वह हाईकोर्ट में भी अपील करेंगे और प्रयास होगा कि जल्दी से जल्दी अपील स्वीकृत हो और सुनवाई शुरू हो।

दिग्विजय चौटाला बोले, फैसले से मैं आहत

जजपा के महासचिव और डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के भाई दिग्विजय चौटाला ने कहा कि हरियाणा के सर्वमान्य नेता और मेरे दादा चौधरी ओमप्रकाश चौटाला पर आए दिल्ली की अदालत के फैसले से मैं आहत हूं और उनके सभी समर्थकों की तरह बहुत दुखी हूं। हमने न्यायपालिका पर हमेशा भरोसा किया है और मुझे उम्मीद है कि ऊपरी अदालत से दादा जी को राहत मिलेगी।

Edited By: Sunil Kumar Jha