चंडीगढ़, [अनुराग अग्रवाल]। हरियाणा के गृह और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज कोरोना के विरुद्ध लड़ी जा रही जंग में पूरी मजबूती के साथ खड़े हैं। उन्होंने अपने अंबाला छावनी स्थित निवास को ही वार रूम बना लिया है। सुबह छह बजे से मीटिंग करने और फीडबैक लेने का दौर शुरू हो जाता है, जो दिन भर चलते हुए रात करीब 11 बजे तक चलता रहता है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज सभी बैठकें वाट्सएप ग्रुप और वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हुए हैं। राज्य के तमाम वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी तथा जिलों के कप्तान उनके सीधे संपर्क में हैं।

चौक पर चाय पीना बंद, वाट्सएप ग्रुप के जरिये पी जा रही चाय

कोरोना के विरुद्ध लड़ी जा रही लड़ाई में अनिल विज की मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी नियमित बातचीत हो रही है। मौजूदा हालात को देखते हुए उन्होंने अपने लाइफ स्टाइल और दिनचर्या में मामूली बदलाव किया है। अनिल विज पिछले कई सालों से अंबाला छावनी के सदर बाजार चौक पर अपने खास मित्रों के साथ बैठकर सुबह की चाय पीते हैं और सभी अखबार पढ़ते हैं। वहां किसी फरियादी की फरियाद नहीं सुनी जाती। इसके लिए उन्होंने अपने घर पर सुबह दस बजे का समय निर्धारित कर रखा है, जो आजकल बंद है।

 गृह और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने अंबाला छावनी आवास को ही बनाया वार रूम

कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते अब अनिल विज सदर बाजार चौक पर अपनी मित्र मंडली के साथ चाय पीने नहीं जा रहे हैं, लेकिन चाय पीते जरूर हैं। इसके लिए उन्होंने वाट्सएप ग्रुप का सहारा लिया है। विज ने अपनी उस तमाम मित्र मंडली का एक वाट्सएप ग्रुप बना लिया, जो सुबह के समय चाय पर इकट्ठा होते हैं और हर तरह के राजनीतिक-सामाजिक हालात पर मशविरा करते हैं।

सुबह सभी के साथ ग्रुप पर हाय-हेलो होती है। ग्रुप के सभी सदस्य अपने-अपने घर में चाय तैयार करते हैं। सभी की चाय का समय औसतन आठ बजे है। जब घर में सबकी चाय तैयार हो जाती है तो ग्रुप पर सूचना दे दी जाती है और फिर शुरू होता है चैटिंग के साथ चाय की चुस्कियों का दौर।

सुबह छह बजे से शुरू हो रहा फीडबैक लेने का सिलसिला, वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हो रही बैठकें

अनिल विज जब चौक पर बैठते थे, तब वह दो चाय पी लेते थे, मगर काम की व्यस्तता के चलते वाट्सएप ग्रुप के जरिये केवल एक ही चाय पी रहे हैं। हालांकि कभी-कभी यह संख्‍या दो भी हो जाती है। विज बिना चीनी की चाय पीते हैं। उनका हाल ही में आंख और नाक के दो माइनर आपरेशन हुए हैं। इसके बावजूद उनकी मुस्तैदी देखने लायक है। मीठे और तली भुनी चीजों से उन्हें परहेज है।

अपने स्वास्थ्य का खास ख्याल रखने वाले अनिल विज की कोई विशेष डाइट नहीं है, लेकिन उन्हें भीगे हुए चने ज्यादा पसंद हैं। दोपहर को वह खाना नहीं खाते। बहुत मजबूरी हो तो थोड़ा बहुत सब्जी या सलाद ले लेते हैं और रात के समय मामूली आहार लेते हैं।

हर जिले के एसपी व सीएमओ के संपर्क में विज, दोपहर के भोजन में खास रुचि नहीं, रात को हलका खाना

स्वामी रामदेव के प्रशंसक अनिल विज हर समय गृह सचिव, डीजीपी और सभी जिलों के आइजी, पुलिस कमिश्नर तथा एसपी के संपर्क में रहते हैं। सभी जिलों के सीएमओ से पूरी रिपोर्ट ली जा रही है। पंजाब से कोरोना वायरस के संभावित मरीजों की इंट्री हरियाणा में रोकने के लिए वह बेहद गंभीर हैं और उन्होंने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि पंजाब में जो 94 हजार एनआरआइ जमा हैं, उन्हें किसी भी सूरत में हरियाणा के बार्डर से अंदर नहीं आने दिया जाए। भले ही इसके लिए पुलिस को कितनी भी सख्ती करनी पड़े। उनकी एक खास बात यह है कि अनिल विज कहीं भी हो, लेकिन रात को हर सूरत में अपने अंबाला छावनी घर पर पहुंच जाते हैं। यह रूटीन उनका काफी पहले से है।

घर से ही सरकारी फाइलें निपटा रहे अनिल विज

अनिल विज ने अपने घर पर ही दफ्तर भी बना लिया है। वह अपने महकमों से जुड़ी सारी फाइलें नियमित रूप से अपने घर मंगवा रहे हैं और उनका निस्तारण कर रहे हैं। फिलहाल कोई फाइल ऐसी पेंडिंग नहीं है, जो जरूरी है। शहरी निकाय विभाग के अधिकारियों को सफाई के विशेष निर्देश दिए गए हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग का पूरा सिस्टम विज के घर पर सेट कर दिया गया है। उनसे आम आदमी भी सीधे जुड़ा हुआ है। यदि कहीं से कोई समस्या या सूचना आती है, तुरंत फोन या वीडियो काल करते हैं और अधिकारियों से उसकी जवाबतलबी मांगते हैं।

दुकान पर एक व्यक्ति की दूसरे से दूसरी डेढ़ मीटर

हरियाणा के गृह और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोशल डिस्टेंस बनाए रखने के फार्मूले पर मंगलवार से ही काम शुरू कर दिया था। उन्होंने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों और स्वास्थ्य विभाग और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि किसी दुकान या मेडिकल स्टोर पर कोई व्यक्ति सामान लेने आया है तो उसकी लाइन लगवाई जाए तथा एक व्यक्ति की दूसरे व्यक्ति से दूरी डेढ़ मीटर होनी चाहिए। प्राइवेट अस्पतालों में ही यही व्यवस्था की गई है। विज के अनुसार राज्य सरकार कोरोना से निपटने के लिए रिटायर्ड डाक्टरों की सेवाएं लेने पर भी विचार कर रही है, जबकि प्राइवेट अस्पतालों से पहले ही सहयोग मांगा गया है।

Posted By: Sunil Kumar Jha

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