जेएनएन, चंडीगढ़। Coronavirus के संक्रमण से बचाव के लिए हरियाणा में Lockdown के चलते खाद्य पदार्थों का संकट गहराने लगा है। खाद्य पदार्थों की कालाबाजारी (Black marketers) की सूचनाओं पर एक्शन लेते हुए अब जिला खाद्य नियंत्रक अधिकारियों तथा जिला कराधान अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है। यह अफसर आवश्यक वस्तुओं विशेषकर आटा, दाल व खाद्य तेल की थोक व खुदरा विक्रेताओं के पास पर्याप्त मात्रा में स्टॉक की उपलब्धता सुनिश्चित कराएंगे।

हरियाणा में विभिन्न स्थानों से खाद्य पदार्थों की कमी के चलते ऊंचे दाम वसूलने की शिकायतें आ रही हैं। कालाबाजारियों से सरकार सख्ती से निपटेगी। इसके अलावा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत अगले महीने वितरित होने वाले राशन व अन्य वस्तुओं का उठान पांच अप्रैल तक सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है। लॉकडाउन के दौरान राशन का वितरण घरद्वार पर ही कराने की योजना है।

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 22 वस्तुओं की सूची तैयार की गई है। कोरोना वायरस के बाद मास्क, सैनिटाइजेशन और ग्लव्ज को भी इन वस्तुओं में जोड़ा गया है। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें निर्देश दिए हैं कि कोई भी थोक विक्रेता या केमिस्ट इन वस्तुओं की कालाबजारी व अधिक स्टॉक एकत्रित न करें। एमआरपी से ज्यादा कीमत वसूलने पर कार्रवाई की जाएगी। दाल की दरें नैफेड द्वारा अनुमोदित की गई हैं।

आटे की जगह मिलेगा गेहूं

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जहां-जहां आटा उपलब्ध कराया जा रहा था, वहां अब गेहूं दिया जाएगा। पशु आहार की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। मिल्क प्लांट में दूध के साथ-साथ मिल्क पाउडर का उत्पादन भी बढ़ाया जाएगा। अधिक सब्जियों का उत्पादन कर रहे जिलों से सब्जियों को दूसरे जिलों में पहुंचाने की व्यवस्था बनाई गई है। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति अन्य राज्यों से करने वाले ट्रकों व अन्य वाहनों का प्रवेश आसानी से कराने के लिए जिला उपायुक्तों, पुलिस प्रशासन व आरटीए अधिकारी मिलकर काम करेंगे। 

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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