संवाद सहयोगी, पिजौर :  मोरनी रोड पर गांव जल्लाह में चल रहे अवैध नशा मुक्ति केंद्र पर छापा मारकर 23 लोगों को छुड़वाया गया है। जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. विशाल ने बताया कि उनके विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव जल्लाह में अवैध नशा मुक्ति केंद्र चलाया जा रहा है। जिसके बाद वीरवार को विभाग के उपनिदेशक डॉ. आदित्या कौशिक के नेतृत्व में यहां छापा मारकर अवैध रूप से रखे गए 23 लोगों को छुड़वाया गया है। संचालक किसी तरह का कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाया। हवालात की तरह कैद रखा हुआ था

विभाग के उपनिदेशक डॉ. आदित्या कौशिक ने बताया कि जिन 23 लोगों को छुड़वाया गया है, उनकी उम्र 18 से 50 साल की बीच है। संचालकों द्वारा उन्हें दो कमरों में हवालात की तरह बंद करके रखा गया था। छापा पड़ने के बाद मौका देखते ही केंद्र संचालक मौके से फरार हो गए। नशा छुड़वाने के लिए लेते थे मोटी रकम

युवकों ने बताया कि उन लोगों के परिजनों से नशा छुड़वाने के नाम पर मोटी रकम ली जाती थी। 15 हजार रुपये लेकर 5 माह में नशा छुड़वाने की बात की जाती थी। संचालकों द्वारा उन्हें डंडों से बेरहमी से पीटा जाता था। उनको पीटकर नशा छोड़ने को कहा जाता था। भर्ती एक युवक ने बताया कि पहले तो उसको पीटा गया, उसके बाद सुबह से लेकर रात तक उसे रसोई में बंद रखा गया। वहीं, छापे के दौरान पुलिस को मौके 3 डंडे भी बरामद हुए है।  छापे के दौरान तलाशी में पुलिस को अवैध नशा मुक्ति केंद्र के अंदर हुक्का व हुक्का फ्लेवर भी मिले हैं। समाज कल्याण व सशक्तीकरण विभाग के अधिकारियों ने अवैध तौर पर नशा मुक्ति केंद्र चला रहे कर्म सिंह सोढ़ी व रोहित हांडा के खिलाफ मेंटल हेल्थ केयर एक्ट के तहत शिकायत दी है। मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच जारी है।

-जसविद्र सिंह, अमरावती चौकी प्रभारी

Posted By: Jagran

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