राज सिगला, रायपुररानी : टांगरी नदी एरिया में स्थित स्क्रीनिग प्लांट जोन में पिछले लगभग दस वर्षो से नियमों को ताक पर रखकर प्लांट्स चलाए जा रहे थे। ग्रामीणों द्वारा सीएम विडों पर दी शिकायत के बाद आखिरकार प्रदूषण विभाग की जिला स्तरीय टीम ने कुछ प्लांट को सील कर दिया है। इस जोन में लगे लगभग 55 में से अब तक 23 प्लांट सील कर दिए हैं व अन्य को नोटिस दिया है। ग्रामीणों सोनू सैनी, दीपक गुप्ता, अनिल निरंकारी, वैश्य अग्रवाल सभा के सदस्य लवली गुप्ता, राहुल बिदल, निखिल मंगला, जयमल काजमपुर, सतीश कुमार, हर्ष वर्मा, अरविद वशिष्ठ, बिदर पारवाला, कृष्ण मांधना, हरदेव मोरनी ने विभागीय कार्रवाई पर खेद जताते हुए बताया कि टांगरी नदी क्षेत्र में लगे इन स्क्रीनिग प्लांट मालिकों ने सरकार व सभी विभाग को करोड़ों की चपत लगाई है, जिस बारे कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब कुछ हिदायतें जारी कर दोबारा सभी प्लांट चलाने की कवायद भी विभाग द्वारा शुरू कर दी गई है। अधिकारी व नेताओं की शह पर चल रहे प्लांट्स की भी उच्चस्तरीय जांच को लेकर जल्द सीएम से मिलेंगे। क्या है नियम

विभागीय नियमों की माने तो एक स्क्रीनिग प्लांट में 500 पेड़ व पूरा रास्ता पक्का कंकरीट वाला होना चाहिए, लेकिन पिछले दस वर्षो से किसी भी प्लांट में इन नियमों को पूरा नहीं किया गया और न ही वाटर रिसाइकिलिग के लिए टंकी का प्रयोग किया गया। जांच में पाया गया था कि स्क्रीनिग प्लांट से वेस्ट पानी सीधा नदी में गिराया जा रहा था, जिस वजह से निरंतर जल प्रदूषण भी हो रहा था। निरंतर जारी रहेगी कार्रवाई

प्रदूषण विभाग से आरओ विरेंद्र पूनिया ने बताया कि मौके पर की गई जांच अनुसार अब तक 23 प्लांट सील कर दिए हैं व अन्य प्लांट की जांच जारी है। जिन स्क्रीनिग प्लांट मालिकों ने नियमों के मुताबिक सभी कार्य करवा लिए हैं, उनकी जांच कर फाइल उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। मुझे तो पंचकूला में कार्य संभाले अभी दो महीने ही हुए हैं, पिछले समय के बारे में कोई कार्रवाई नहीं कर सकता।

Posted By: Jagran

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