वि, पलवल: पुरानी पेंशन बहाली, कच्चे कर्मियों को पक्का करने, कौशल रोजगार निगम भंग करने, नेशनल मुद्रीकरण पाइपलाइन पर रोक लगाने, खाली पड़े लाखों पदों को पक्की भर्ती से भरने आदि मांगों के प्रति सरकार के घोर उपेक्षापूर्ण रवैए से खफा कर्मचारी 15 जुलाई तक खंड स्तर पर सम्मेलन आयोजित कर सरकार के खिलाफ आक्रोश प्रदर्शन करेंगे। पांच जुलाई को पलवल, छह जुलाई को होडल, 13 जुलाई को हसनपुर व 15 जुलाई को हथीन खंड में कर्मचारी सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे और सरकार के खिलाफ आक्रोश प्रदर्शन किए जाएंगे। यह ऐलान शनिवार को रसूलपुर रोड स्थित मैकेनिकल वर्कर यूनियन के जिला कार्यालय में आयोजित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की जिला कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने किया। बैठक की अध्यक्षता जिला प्रधान राजेश शर्मा ने की और संचालन सचिव योगेश शर्मा ने किया।

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए अग्निपथ योजना के खिलाफ नौजवानों के आक्रोश को जायज ठहराया और शांतिपूर्ण तरीके से किए जाने वाले आंदोलन का पुरजोर समर्थन करने का ऐलान किया। उन्होंने सरकार से कृषि कानूनों की तरह योजना के फायदे गिनवाने की बजाय इसको रद करने और सेना में तीन साल से बंद की गई भर्तियां को खोलने की मांग की। उन्होंने राज्य में खाली पड़े करीब आठ लाख पदों को पक्की भर्ती से भर बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने की मांग को जोरदार तरीके से उठाया। प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए पुरानी पेंशन बहाली, ठेका प्रथा समाप्त कर कच्चे कर्मियों को पक्का करने, पक्का होने तक समान काम समान वेतन व सेवा सुरक्षा प्रदान करने, छंटनी ग्रस्त कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर लेने, जन सेवाओं के निजीकरण पर रोक लगाने, खाली पड़े लाखों पदों को पक्की भर्ती से भरते हुए बेरोजगारों को रोजगार देने, लिपिक को 35,400 वेतन देने, ग्रुप डी से ग्रुप सी में पदोन्नति में लगाई गई पांच साल की शर्त दो वर्ष और पदोन्नति कोटा बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने, पेंशनर्ज को 65,70,75 व 80 वर्ष की आयु पर पेंशन में पांच प्रतिशत बढ़ोतरी करने, बिना शर्त 4-9-14 साल सेवा उपरांत प्रमोशनल स्केल की एसीपी देने, 18 महीने के बकाया डीए का भुगतान करने, सातवें वेतन आयोग की सिफारिश अनुसार मकान किराए भत्ते में संशोधन करने, सभी के लिए सरकारी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की व्यवस्था करने, लेबर कोड, बिजली संशोधन बिल, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति व रोड ट्रांसपोर्ट सेफ्टी बिल, क्षति पूर्ति कानून, एस्मा व 311 (2) एबीसी काले कानून रद करने आदि मांगों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने ठेका प्रथा समाप्त कर कच्चे कर्मियों को पक्का करने की प्रमुख मांग की अनदेखी करते हुए हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड कंपनी का गठन किया है। जिसका गठन कच्चे कर्मियों को पक्का करने, समान काम समान वेतन देने, वेतन आयोग व अन्य किसी भी प्रकार के आर्थिक लाभों से ठेका कर्मियों को वंचित करने के लिए किया गया है। इसको किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।

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