जागरण संवाददाता, पलवल: रविवार को महाराणा प्रताप भवन के प्रांगण में सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण किया गया और सुभाष चंद्र बोस अमर रहें का उद्घोष किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य डा हरेन्द्र पाल राणा मौजूद रहे और कार्यक्रम की अध्यक्षता धर्मवीर पार्षद ने की। डा हरेंद्र राणा ने अपने संबोधन में कहा कि सुभाष चंद्र बोस ने भारतवर्ष को वर्ष 1943 में आजाद घोषित कर दिया था और नौ देशों ने आजाद भारत को मान्यता भी प्रदान कर दी थी। अंडमान और निकोबार तथा देश के कई भागों में आजादी का जश्न मनाते हुए तिरंगा भी फहराया गया था।

उन्होंने कहा कि देश की आजादी में तीन लाख 27 हजार क्रांतिकारियों ने अपने प्राण न्यौछावर किए थे, जिसमें से 13 हजार क्रांतिकारियों को भीषण यातनाएं देकर मृत्युदंड दिया गया था। हरियाणा के 860 क्रांतिकारियों ने भारत माता की अस्मिता के लिए प्राण न्यौछावर किए थे। नेता जी सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित आजाद हिद फौज में हरियाणा के 2715 योद्धाओं ने भाग लिया था। उनका जीवन हमारे लिए सदैव प्रेरणा स्त्रोत रहेगा।

कार्यक्रम में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सविता शर्मा, मूर्ति शर्मा, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिला अध्यक्ष हरि चंद भाटी, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के जिला महामंत्री राजिदर राणा, ब्रह्मदत्त अगवानपुर, सर्वजीत डडेजा, सुबेदार जगदीश सिंह, सूबेदार वीरेंद्र सिंह, सूबेदार वीर सिंह, नमन शर्मा, दिनेश हसीजा, दिनेश रावत, जवाहर ठाकुर आदि उपस्थित थे।

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