पलवल में हड़ताल खत्म होते ही बिजली आपूर्ति पटरी पर लौटी, 450 फीडरों पर आपूर्ति बहाल; लोगों को मिली राहत
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने के बाद पलवल जिले में बिजली आपूर्ति सुचारु हो गई है। जिले के 450 ...और पढ़ें
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बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, जागरण।
HighLights
हड़ताल समाप्त होते ही जिले में बिजली आपूर्ति बहाल।
पलवल के 450 फीडरों पर बिजली आपूर्ति चालू हुई।
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली-पानी संकट से मिली राहत।
जागरण संवाददाता, पलवल। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने के बाद जिले में बिजली आपूर्ति सुचारू हो गई है। बिजली निगम के जिले के साढ़े चार सौ फीडरों पर आपूर्ति चालू कर दी गई है।
इससे होडल, हथीन और हसनपुर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट से जूझ रहे लोगों को राहत मिली है। हड़ताल के चलते जिले के 150 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी।
बिजली गुल होने के कारण पेयजल पर संकट
बिजली गुल रहने से कई क्षेत्रों में पेयजल संकट भी गहरा गया था। बिजली निगम के कर्मचारियों ने निजीकरण के विरोध में बुधवार रात 12 बजे से तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया था। हड़ताल शुरू होने के बाद जिले के कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई।
इसका सबसे अधिक असर होडल, हथीन, हसनपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में देखने को मिला। बिजली नहीं होने के कारण लोगों को रोजमर्रा के काम निपटाने में परेशानी हुई। वहीं, पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई थीं।
आम जनता को भारी परेशानी
बृहस्पतिवार को पलवल शहर के भी कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। इससे लोगों को गर्मी, घरेलू कामकाज और पानी की उपलब्धता जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। हालांकि, प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद कुछ घंटे में शहर के प्रभावित हिस्सों में बिजली आपूर्ति दोबारा बहाल कर दी गई थी, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में संकट बना हुआ था।
हड़ताल खत्म होते ही आपूर्ति बहाल
अब हड़ताल समाप्त होने के बाद बिजली निगम ने आपूर्ति बहाल कर दी है। जिले के सभी साढ़े चार सौ फीडरों पर बिजली चालू होने से प्रभावित क्षेत्रों में व्यवस्था सामान्य होने लगी है।
बिजली आपूर्ति बहाल होने से पेयजल संकट से भी राहत मिलने की उम्मीद है। हड़ताल के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित रहने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। अब बिजली लौटने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
