जहां बापू पहली बार हुए थे गिरफ्तार, नेताजी ने रखी आश्रम की नींव; गांधी की स्मृतियों को सहेज रही पलवल की माटी
पलवल का हरियाणा के इतिहास में एक विशेष स्थान है, जहाँ महात्मा गांधी को 10 अप्रैल 1919 को पहली बार राजनीतिक रूप से गिरफ्तार किया गया था।

पलवल में महात्मा गांधी पहली बार हुए थे गिरफ्तार। फोटो: आर्काइव
HighLights
महात्मा गांधी की पहली राजनीतिक गिरफ्तारी पलवल में हुई थी
नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने गांधी सेवा आश्रम की नींव रखी
असावटी में गांधी घर का उद्घाटन डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने किया
कुलवीर चौहान, पलवल। अहिंसा और सत्याग्रह के मार्ग पर चलकर भारत माता को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त कराने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर आज पूरा देश उन्हें नमन कर रहा है।
स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में हरियाणा का पलवल जिला एक स्वर्णिम और ऐतिहासिक अध्याय के रूप में दर्ज है। यह वही ऐतिहासिक भूमि है, जहां अंग्रेजी हुकूमत ने महात्मा गांधी को उनके जीवन में पहली बार राजनीतिक रूप से गिरफ्तार किया था।
आज भी पलवल की माटी में बापू के संघर्ष, त्याग और विचारों की महक रची-बसी है।
10 अप्रैल 1919 को हुई गिरफ्तारी
अंग्रेजी शासन के दमनकारी रोलेट एक्ट के विरुद्ध देशव्यापी विरोध की लहर चल रही थी। पंजाब में जन-आक्रोश चरम पर था, जिसे संभालने और अहिंसक दिशा देने के लिए महात्मा गांधी पंजाब जा रहे थे।
10 अप्रैल 1919 को जैसे ही बापू की ट्रेन पलवल रेलवे स्टेशन पहुंची, ब्रिटिश पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें वापस मुंबई ले जाकर छोड़ दिया गया।
भारत की धरती पर बापू की यह पहली गिरफ्तारी थी, जिसने देश के स्वतंत्रता संग्राम की ज्वाला को और तीव्र कर दिया।
बोस ने रखी थी गांधी सेवा आश्रम की नींव
बापू की इस ऐतिहासिक गिरफ्तारी और उनके विचारों को जीवंत रखने के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने पलवल में एक आश्रम स्थापित करने का संकल्प लिया। शहर के माल गोदाम रोड पर करीब पांच एकड़ में महात्मा गांधी सेवा आश्रम का निर्माण कराया गया।
2 अक्टूबर 1938 को आजाद हिंद फौज के महान नायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अपने कर-कमलों से इस आश्रम की आधारशिला रखी थी। असावटी गांव में बापू की स्मृति, प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने किया था गांधी घर का उद्घाटन
ब्रिटिश पुलिस बापू को पहले असावटी स्टेशन ले आई थी, जहां से उन्हें पलवल लाया गया। इस दौरान गांधी जी ने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें देश के सत्याग्रह आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया था।
बापू की इस स्मृति को संजोने के लिए असावटी में गांधी घर का निर्माण किया गया। 30 अक्टूबर 1957 को देश के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद ने तत्कालीन ग्राम सरपंच दीपचंद शर्मा व ग्रामीणों की मौजूदगी में इस ऐतिहासिक गांधी घर का भव्य उद्घाटन किया था।
संग्रहालय में सहेजी गईं स्मृतियां
गांधी सेवा आश्रम परिसर में वर्ष 1962 में एक गांधी प्रदर्शनी स्थापित की गई थी, जिसे बाद में एक भव्य संग्रहालय में परिवर्तित कर दिया गया। दिल्ली के गांधी संग्रहालय से लाए गए दुर्लभ चित्रों का यहां अद्भुत संग्रह है।
इस संग्रहालय में बापू के बाल्यकाल से लेकर उनकी अंतिम यात्रा तक के जीवंत दृश्य मौजूद हैं। संग्रहालय के सबसे विशेष आकर्षण पंडित जवाहर लाल नेहरू और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ महात्मा गांधी के दुर्लभ चित्र हैं।
आज पलवल का गांधी सेवा आश्रम और असावटी का गांधी घर केवल ऐतिहासिक इमारतें नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए देशभक्ति, अहिंसा और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा के अखंड स्रोत हैं।
रेलवे स्टेशन का भी हो रहा जीर्णोद्धार
योजना के तहत 46 करोड़ रुपये की लागत से पलवल रेलवे स्टेशन के जीर्णोद्धार का भी किया जा रहा है। इसके तहत रेलवे स्टेशन के बाहरी ओर का सुंदरीकरण, खानपान के लिए रिटेल स्टाल, प्रतीक्षालय, शौचालय, एफओबी समेत अन्य कार्य किए जा रहे हैं।
इसके अलावा गांधी आश्रम में भी नया संग्रहालय बनाया जा रहा है। इसमें महात्मा गांधी के बड़े चित्रों को लगाया जाएगा।
यह भी पढ़ें- पलवल में एनएच-19 पर हुड़दंगबाजी और रील्स बनाना पड़ा भारी, 35 हजार चालान के साथ दो गाड़ियां जब्त
