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संजीव मंगला, पलवल

सरकार ने किसानों के लिए फसल बीमा योजना तो शुरू कर दी, किसानों के खातों से प्रीमियम भी ले लिया, परंतु जब फसल खराब हो गईं तथा मुआवजा देने का समय आया तो बीमा कंपनियां व बैंक पीछे हट गए। जब काफी प्रयास करने के बावजूद भी मुआवजा नहीं मिला तो किसानों ने जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर किए हैं। भुरजा गांव के सात किसानों ने ये परिवाद दायर किए हैं। फोरम ने इस मामले में सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक व आइसीआइसीआइ इंश्योरेंस कंपनी को 12 सितंबर को सुनवाई के लिए नोटिस जारी किए हैं।

गांव भुरजा निवासी गो¨वद राम, रूप चंद, रघुवीर, सतवीर की धान व रामकिशन व रामस्वरूप की कपास की फसल नष्ट हो गई थी। इन सभी किसानों के खाते सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक की दूधौला शाखा में हैं। इन सभी ने बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी ली हुई है, जिसके माध्यम से ये बैंक से फसल ऋण भी लेते हैं। इनकी बिना मर्जी के बैंक ने आइसीआइसीआइ लोमवर्ड बीमा कंपनी से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल बीमा कर दिया व प्रीमियम उनके खाते से डेविट कर दिया।

पिछले वर्ष प्राकृतिक आपदा के कारण उनकी फसलें नष्ट हो गई। कंपनी के सर्वेयर ने खेतों का सर्वे भी किया। जिसमें फसल नष्ट हुई पायी गई। उक्त किसानों ने कंपनी से संपर्क किया व उनके एरिया प्रबंधक से भी बात की, परंतु मुआवजा नहीं मिला। कंपनी के कस्टमर केयर सेंटर पर भी बात की गई। कानूनी नोटिस भी दिया, परंतु बात जस की तस रही।

अब परेशान होकर उक्त किसानों ने जिला उपभोक्ता फोरम का द्वार खटखटाया है। इस पर सुनवाई करते हुए फोरम ने बैंक की दूधौला शाखा के प्रबंधक, रोहतक कार्यालय में बैठने वाले महाप्रबंधक, बीमा कंपनी के मुंबई स्थित महाप्रबंधक व फरीदाबाद शाखा के प्रबंधक को नोटिस जारी कर 12 सितंबर को इस मामले में जवाब देने के लिए तलब किया है।

Posted By: Jagran

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