तावड़ू बाईपास और NH-919 का रास्ता साफ, 17 गांवों की जमीन खरीदने-बेचने पर रोक; सीधा किसानों को मिलेगा मुआवजा
तावड़ू बाईपास और राष्ट्रीय राजमार्ग-919 के फोरलेन निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी गई है। ...और पढ़ें

तावड़ू बाईपास और राष्ट्रीय राजमार्ग-919 का रास्ता साफ। फोटो: सांकेतिक
HighLights
अधिग्रहण क्षेत्र में भूमि की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई गई
भू-माफिया को रोकने और पारदर्शिता लाने का उद्देश्य
तावड़ू बाईपास और एनएच-919 फोरलेन परियोजना को गति मिली
जागरण संवाददाता, तावड़ू। शहर के प्रस्तावित बाईपास और राष्ट्रीय राजमार्ग-919 के फोरलेन निर्माण एवं चौड़ीकरण की परियोजना ने रफ्तार पकड़ ली है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही जिला प्रशासन ने परियोजना के लिए प्रस्तावित जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी है।
इस फैसले के बाद अधिग्रहण की जद में आने वाले गांवों में जमीन की बिक्री या अन्य प्रकार के पंजीकृत भूमि लेन-देन नहीं किए जा सकेंगे। प्रशासन का उद्देश्य अधिग्रहण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और बिचौलियों या भू-माफियाओं को इसका फायदा उठाने से रोकना है।
17 गांवों की जमीन अधिग्रहण की जद में
जिला राजस्व अधिकारी एवं सक्षम प्राधिकारी, नूंह ने तावड़ू तहसीलदार रीता और इंडरी के नायब तहसीलदार को संबंधित गांवों के राजस्व रिकॉर्ड में आदेश दर्ज करने और इनकी सख्ती से पालना कराने के निर्देश दिए हैं।
पलवल-रेवाड़ी मार्ग पर एनएच-919 के फोरलेन निर्माण, सड़क चौड़ीकरण तथा तावड़ू और सोहना बाईपास के लिए कई गांवों की भूमि अधिग्रहित की जानी है।
तावड़ू तहसील के ये 12 गांव शामिल: जोरासी, राठीवास, रंगाला, सुनारी, कालरपुरी, गोगजाका, तावड़ू, शिकारपुर, राहड़ी, खरखड़ी, धुलावट और मेडला गांव की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया की जद में है।
इंडरी उपतहसील के पांच गांव भी प्रभावित: इसी तरह इंडरी उपतहसील के आटा, रामपुर, उदाका, भिरावटी और किरंज गांव की भूमि भी परियोजना के लिए अधिग्रहित की जानी है।
जमीन के किसी भी तरह के लेन-देन पर रोक
प्रशासन ने अधिग्रहण क्षेत्र में बेचान, पट्टानामा, रहननामा, इकरारनामा, मुख्तारनामा अथवा अन्य पंजीकृत दस्तावेजों के निष्पादन पर रोक लगा दी है। आदेशों के बाद संबंधित गांवों के राजस्व रिकॉर्ड में आवश्यक प्रविष्टियां दर्ज की जा रही हैं।
भू-माफिया और बिचौलियों पर भी लगेगी लगाम
अधिग्रहण की जानकारी सामने आने के बाद जमीन के कारोबार में बिचौलियों की सक्रियता बढ़ने की आशंका रहती है। प्रशासन के अनुसार, भू-माफिया या बिचौलिये किसानों से कम कीमत पर जमीन खरीदकर बाद में अधिग्रहण के दौरान अधिक मुआवजा लेने की कोशिश कर सकते हैं।
जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने से इस तरह की आशंका को कम करने का प्रयास किया गया है। इससे अधिग्रहण का वास्तविक लाभ सीधे भूमि मालिकों तक पहुंचने की उम्मीद है।
15 फरवरी को हुई थी नए बाईपास की घोषणा
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने 15 फरवरी को तावड़ू अनाज मंडी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शहर के नए बाईपास के निर्माण की घोषणा की थी।
इसके बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से परियोजना से संबंधित अधिसूचना जारी की गई। अब भूमि अधिग्रहण क्षेत्र में खरीद-फरोख्त पर रोक के आदेशों के बाद परियोजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।
भूमि लेन-देन से पहले जानकारी लेने की अपील
प्रशासन ने प्रभावित भूमि मालिकों से अपील की है कि अधिग्रहण क्षेत्र में किसी भी प्रकार का भूमि लेन-देन करने से पहले राजस्व विभाग से पूरी जानकारी प्राप्त कर लें। इससे भविष्य में होने वाले विवादों से बचा जा सकेगा।
