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नूंह को 174.66 करोड़ की विकास परियोजना, फिर भी तावड़ू के हाथ खाली; 58 एजेंडों में एक भी प्रस्ताव नहीं

Published: Sun, 30 Aug 2026 05:14 PM (IST)

नूंह जिले के लिए 174.66 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को मंजूरी मिलने के बावजूद तावड़ू क्षेत्र को कोई हिस्सा ...और पढ़ें

सुनीता सोनी गोयल, चेयरपर्सन- नपा, तावड़ू

सुनीता सोनी गोयल, चेयरपर्सन- नपा, तावड़ू

HighLights

  1. नूंह जिले को 174.66 करोड़ की विकास परियोजनाएं मंजूर।

  2. तावड़ू क्षेत्र को 58 एजेंडों में कोई प्रस्ताव नहीं।

  3. चेयरपर्सन ने स्टाफ, बजट की कमी पर चिंता जताई।

संवाद सहयोगी, तावड़ू (नूंह)। जिले में 174.66 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं को मंजूरी मिलने के बावजूद तावड़ू क्षेत्र फिलहाल विकास योजनाओं के मामले में खाली हाथ नजर आया।

जिला स्तर पर एमडीए की मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में रखे गए कुल 58 एजेंडों में तावड़ू से संबंधित एक भी प्रस्ताव शामिल नहीं होने से क्षेत्र के विकास को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।

स्टाफ की कमी पर सीएम से गुहार

करोड़ों रुपये की योजनाएं जिले के अन्य क्षेत्रों के लिए मंजूर होने के बीच तावड़ू की अनदेखी से स्थानीय लोगों में निराशा है। चेयरपर्सन सुनीता सोनी गोयल ने यह मुद्दा नूंह सचिवालय में हुई एमडीए की 32वीं मीटिंग में मुख्यमंत्री नायब सैनी के समक्ष उठाया।

जिला स्तरीय मेवात विकास एजेंसी बैठक में तावड़ू नगर पालिका से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए गए। नगर पालिका चेयरपर्सन सुनीता सोनी गोयल ने पालिका कार्यालय में स्थायी अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग मुख्यमंत्री नायब सैनी के समक्ष रखी।

उन्होंने कहा कि नगर पालिका में सचिव, पालिका अभियंता, कनिष्ठ अभियंता और लेखाकार जैसे महत्वपूर्ण पदों पर स्थायी कर्मचारी नहीं हैं। अधिकारियों की कमी के कारण विकास कार्यों की योजना बनाने, उनकी निगरानी करने और उन्हें समय पर पूरा कराने में परेशानी आ रही है।

विकास योजनाओं में भेदभाव का आरोप

चेयरपर्सन ने नगर पालिका के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने की भी मांग की,ताकि शहर में गलियों,नालियों, सफाई,स्ट्रीट लाइट और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को गति दी जा सके। उन्होंने सफाई व्यवस्था के लिए स्थायी सफाई अधिकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने पहली बार शपथ ग्रहण किया तो उस समय नगर पालिका में कोई बजट नहीं था। डेढ़ वर्ष से अधिक समय हो गया,अभी तक कोई बजट नहीं आया है।

सुनीता सोनी गोयल ने कहा कि “तावड़ू भी नूंह जिले का ही हिस्सा है, फिर विकास योजनाओं में उसके साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है। तावड़ू को भी विकास परियोजनाओं में उचित हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। सरकार जल्द से जल्द स्थायी अधिकारी-कर्मचारी और पर्याप्त बजट उपलब्ध कराए,ताकि शहर का विकास प्रभावित न हो।”

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