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नूंह में गर्भवती पत्नी की हत्या के दोषी पति को उम्रकैद, 50 हजार रुपये का लगा जुर्माना

Published: Wed, 26 Aug 2026 06:26 PM (IST)

नूंह के पढ़ेनी गांव में 2018 में गर्भवती पत्नी की हत्या के मामले में पति राजपाल को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ...और पढ़ें

नूंह में गर्भवती पत्नी की हत्या के दोषी पति राजपाल को आजीवन कारावास और जुर्माना।

नूंह में गर्भवती पत्नी की हत्या के दोषी पति राजपाल को आजीवन कारावास और जुर्माना।

HighLights

  1. पति राजपाल को गर्भवती पत्नी की हत्या के लिए आजीवन कारावास।

  2. अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

  3. नूंह के पढ़ेनी गांव में 2018 की घटना, 8 साल बाद न्याय।

संवाद सहयोगी, नूंह। गांव पढ़ेनी में वर्ष 2018 में गर्भवती पत्नी की निर्मम हत्या के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप चौहान की अदालत ने आरोपित पति राजपाल को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर उसे छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। करीब आठ वर्ष तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद मृतका के स्वजन को न्याय मिला है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार राजपाल ने अपनी गर्भवती पत्नी आरती को सुनसान स्थान पर ले जाकर गंडासे से उसकी गर्दन पर कई वार किए थे। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपित ने शव को जंगल में फेंक दिया था।

मृतका की गर्दन पर पांच गंभीर चोटें पाई गई

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका की गर्दन पर पांच गंभीर चोटें पाई गई थीं। घटना के बाद मृतका के स्वजन ने ससुराल पक्ष पर दहेज हत्या समेत गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में दलील दी कि हत्या सुनियोजित तरीके से की गई थी। आरोपित ने गंडासे से लगातार वार कर पत्नी की जान लेने का प्रयास किया। वहीं बचाव पक्ष ने आरोपित का कोई पूर्व आपराधिक रिकार्ड नहीं होने और उसके वृद्ध माता-पिता व किशोर बेटी की जिम्मेदारी होने का हवाला देते हुए सजा में नरमी बरतने की मांग की।

आरोपित ने अपनी गर्भवती पत्नी की हत्या सुनियोजित तरीके से की

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अपराध को गंभीर और जघन्य माना। न्यायालय ने कहा कि आरोपित ने अपनी गर्भवती पत्नी की हत्या सुनियोजित तरीके से की। गले पर कई वार किए जाने से उसके इरादे और अपराध की गंभीरता स्पष्ट होती है।

इन तथ्यों के आधार पर अदालत ने राजपाल को हत्या के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। फैसले के बाद लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे मृतका के स्वजन को राहत मिली है।

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