यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Nuh Violence: SIT जांच में सामने आया साइबर क्राइम थाने में हुई हिंसा का सच, अब तक 202 गिरफ्तार; 202 FIR दर्ज
Nuh Violence एक अधिकारी ने कहा जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस रिमांड में चल रहे अलवर जिला के ...और पढ़ें

नूंह, डिजिटल डेस्क/सत्येंद्र सिंह। हरियाणा के नूंह जिले में 31 जुलाई को हुई हिंसा और दंगे के सिलसिले में अब तक 202 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 102 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इस हिंसा में छह लोगों की मौत हुई और 88 लोग घायल हो हुए। नूंह हिंसा पर हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज बताया कि कुल 102 एफआईआर दर्ज की गई हैं। 202 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 80 लोग हिरासत में हैं। हमें जानकारी मिल रही है कि गोलीबारी की घटनाएं पूर्व नियोजित थीं और पत्थर एकत्र किए गए थे। छतों और लोगों ने पहाड़ियों पर जाकर गोलीबारी की। हम जानकारी एकत्र कर रहे हैं और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर हम बुलडोजर चलाएंगे। हम जांच करेंगे कि क्या घटना के संबंध में कोई पूर्व इनपुट था।
पहले से साजिश रची गई थी
वहीं साइबर क्राइम थाने में हुई हिंसा मामले की जांच एसआइटी ने आरंभ कर दी है। एसआइटी की अभी तक हुई जांच में यह सामने आया है कि हिंसा साइबर ठगों की साजिश के तहत हुई। इसकी पहले से साजिश रची गई थी। साजिश मुख्य रूप से राजस्थान भरतपुर जिला के जुरहेड़ा तथा अलवर के पहाड़ी के गांव के रहने वाले दो साइबर ठगों ने रची थी। दोनों को अपनी गिरफ्त में लेने से पहले दोनों के नाम बताने से भी एसआइटी के सदस्य बच रहे हैं।
अशफाक और साबिर से पूछताछ
एक अधिकारी ने बस इतना ही कहा जब गिरफ्त में लेंगे तब पता चल जाएगा। अपनी जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस रिमांड में चल रहे अलवर जिला के पहाड़ी के अशफाक और साबिर से पूछताछ की कई है। दोनों ने बताया कि खेड़ला चौक पर यात्रा पर हमला होगा इसके लिए रात में ही एक वाट्सएप ग्रुप में मैसेज डाला गया था। जिसके बाद हम सभी को भी नूंह पहुंचने के लिए कहा गया था।
पथराव किया गया मारने के लिए गोली भी चलाई गई
नल्हड़ मंदिर से लौट रही यात्रा में शामिल लोगों पर खेड़ला चौक पर घेर कर हमला किया गया था। तभी भरतपुर तथा अलवर जिला से एक डंपर और एक बस में साइबर क्राइम थाने पर हमला करने के लिए मुस्लिम युवकों को लाया गया था। हिंसा के दौरान भीड़ ने साइबर थाने के बाहर और अंदर खड़े वाहनों में आग लगा दी। बीस पुलिस कर्मियों पर पथराव किया गया मारने के लिए गोली भी चलाई गई।
700 लोगों को आरोपित
पुलिस कर्मी हवाई फायर करते हुए किसी तरह से बच निकले थे। घटन के दौरान थाने में तैनात सिपाही संजीत ने बताया कि हम लोग सीधे गोली भी मार सकते थे पर ऐसा नहीं किया। बचाव में केवल हवा में ही गोली चलाई। इस मामले में पुलिस ने एफआइआर दर्ज की जिसमें करीब 700 लोगों को आरोपित बनाया है।
जांच की दिशा भी तय
हिंसा फैलाने, आगजनी करने तथा सरकारी प्रापर्टी को तोड़ने और पुलिस कर्मियों को जाने से मारने का प्रयास करने की धारा लगाई गई है। बताते हैं कि घटना के वक्त हमलावर पुलिस कर्मियों को गाली देकर कह रहे थे बुला लो अपने एसपी को बड़ा तेज बनता है, हम लोगों का जीना हराम कर रखा है। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणिया ने कहा कि जांच चल रही है। जांच की दिशा भी तय पर अधिक बताने से जांच प्रभावित होगी। साइबर सेल उन संदेशों को खंगाल रही कि भड़काऊ वीडियो तथा वाट्सएप मैसेज कहां से डाले गए हैं।
