जागरण संवाददाता, नूंह : लघु सचिवालय परिसर में शुक्रवार को एनडीआरएफ के सहायक कमांडेंट विकास सैनी के मार्गदर्शन में माकड्रिल का आयोजन हुआ। जिला उपायुक्त कैप्टन शक्ति सिंह की अध्यक्षता में भूकंप आपदा पर आधारित संयुक्त अभ्यास, एनडीआरएफ और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ किया गया।

माकड्रिल के दौरान पहले से निर्धारित कार्यक्रम के तहत अचानक जिला सचिवालय की आपातकालीन घंटी बजी और अधिकारियों व कर्मचारियों को भूकंप आने की सूचना दी गई। भूकंप थमने के बाद अधिकारी व कर्मचारी खुले स्थान पर एकत्र हुए जहां उनका हेड अकाउंट किया गया। एनडीआरएफ के 47 बचाव कर्मी मौजूद थे। एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंच कर तुरंत ही बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिया। कुछ लोगों के बिल्डिग के ऊपरी मंजिल में फंसे होने की जानकारी पर एनडीआरएफ की रोप रेस्क्यू टीम के बचावकर्ता तकनीकों का इस्तेमाल कर बिल्डिग के ऊपरी मंजिल से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया। माकड्रिल में कई कर्मचारियों को गोद में लेकर सीढियों से नीचे उतारा गया और अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस में बैठाया गया। पब्लिक के आवागमन के बीच यहां प्रैक्टिस की गई। घायलों को स्ट्रेचर से ले जाते हुए एम्बुलेंस में बैठाने तक की प्रैक्टिस की गई। एनडीआरएफ की टीम ने दीवार काटकर बिल्डिग में फंसे हुए लोगों को निकालने व टेबल के नीचे छुपने का डेमो भी दिखाया। इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह ने बताया कि इस माकड्रिल के माध्यम से आपदा की स्थिति में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों से अवगत करवाया गया। भविष्य में ऐसी किसी भी आपदा के समय जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके। कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा कि इस माकड्रिल में 7.5 रिएक्टर पैमाने का भूकंप दर्शाया गया था। सायरन बजते ही रेस्क्यू आपरेशन शुरू कर दिया गया। इस पैमाने पर भूकंप आने पर क्या नुकसान हो सकता है इसको ध्यान में रखते हुए यह माकड्रिल की गई। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी गलती लोग यह कर लेते हैं आनन-फानन में लिफ्ट का इस्तेमाल करते हैं। हमेशा सीढी का इस्तेमाल करना चाहिए। मेगा माकड्रिल के दौरान एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड आदि इंतजाम दुरूस्त पाए गए। कैप्टन शक्ति सिंह ने बताया कि माकड्रिल के दौरान पुलिस व प्रशासन के बीच आपसी समन्वय नजर आया और भविष्य में किसी आपदा से निपटने में आज की तैयारी के अनुभव का लाभ मिलेगा। माकड्रिल की इंसीडेंट कमांडर एसडीएम नूंह सलोनी शर्मा रही। इस माकड्रिल के अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त सुभिता ढाका, नगराधीश जयप्रकाश, जिला राजस्व अधिकारी सुरेश कुमार, डीएसपी सुधीर तनेजा आदि थे।

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