जागरण संवाददाता, नूंह: रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है। युवा वर्ग को रक्तदान कार्यक्रमों का आयोजन समय-समय पर करवाना चाहिए। जिले में पूर्व से रक्त की कमी के बहुत सारे मरीज है। जिनको बचाने के लिए उन्हें रक्त चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में युवाओं को रक्तदान कार्यक्रम में अवश्य भाग लेना चाहिए।

रेडक्रास सचिव गौरव कुमार ने उनके कार्यालय में लगाएं गए रक्तदान कार्यक्रम के दौरान कहा कि हर रक्तदान करने वाला व्यक्ति कई प्रकार के रोगों से दूर रहता है। किसी भी प्रकार की बीमारियां उनके करीब नहीं आ सकती। बल्कि रक्तदान करने वाले व्यक्ति की कार्य करने की क्षमता कई गुणा बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि रक्तदान के प्रति जिले के युवाओं का रूझान बहुत ही कम है। अगर युवा इस कार्य में अपनी भागीदारी निभाएं तो निश्चित तौर पर रक्तदान से संबंधित किसी प्रकार की समस्या सामने नहीं आएगी। रक्तदान के अलावा भी लोगों को अपने घरों पर कई तरह के खानपान पर ध्यान देना चाहिए। इसके माध्यम से रक्त की कमी से बचा जा सकता है, लेकिन अचानक भी कई व्यक्तियों को रक्त की जरूरत पड़ती है। ऐसी परिस्थिति से निपटने के लिए हमारे ब्लड बैंकों में रक्त का होना बहुत अनिवार्य है। उन्होंने शिक्षण संस्थानों के साथ सामाजिक, राजनीतिक लोगों से आह्वान किया कि वह जिले की परिस्थिति को समझते हुए युवाओं के कंधों पर इस जिम्मेदारी को सौंपे। इससे उनमें समाज के प्रति एक भाव पैदा हो सके।

Posted By: Jagran