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Exclusive: मिलावटखोरों की अब खैर नहीं, नारनौल में बनेगी दक्षिण हरियाणा की पहली हाइटेक फूड टेस्टिंग लैब

Published: Tue, 27 Oct 2026 06:25 PM (IST)

नारनौल में दक्षिण हरियाणा के लिए क्षेत्रीय फूड टेस्टिंग लैब स्थापित करने की तैयारी चल रही है, जिससे खाद्य नमूनों ...और पढ़ें

दक्षिण हरियाणा के लिए बनने जा रही है फूड टेस्टिंग लैब। फोटो: एआई जनरेटेड

दक्षिण हरियाणा के लिए बनने जा रही है फूड टेस्टिंग लैब। फोटो: एआई जनरेटेड

HighLights

  1. नारनौल में दक्षिण हरियाणा फूड टेस्टिंग लैब की तैयारी।

  2. खाद्य नमूनों की जांच में लगने वाला समय होगा कम।

  3. मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई में आएगी तेजी।

विपिन कुमार, नारनौल। खाद्य पदार्थों में मिलावट की शिकायत मिलने पर नमूना तो ले लिया जाता है, लेकिन उसकी जांच रिपोर्ट आने में ही कई दिन लग जाते हैं।

रिपोर्ट का इंतजार खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई की प्रक्रिया को लंबा कर देता है। अब इस देरी को कम करने की दिशा में नारनौल में दक्षिण हरियाणा की क्षेत्रीय फूड टेस्टिंग लैब स्थापित करने की तैयारी की जा रही है।

लैब शुरू होने पर खाद्य नमूनों की जांच स्थानीय स्तर पर हो सकेगी। इससे रिपोर्ट मिलने की प्रक्रिया आसान होने के साथ मिलावटखोरों के विरुद्ध कार्रवाई भी तेज करने में मदद मिल सकती है।

रिपोर्ट आने में लगते हैं 14 से 15 दिन

जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से लिए जाने वाले नमूने फिलहाल जांच के लिए करनाल भेजे जाते हैं। नमूने भेजने से लेकर रिपोर्ट मिलने तक करीब 14 से 15 दिन का समय लगता है।

जांच रिपोर्ट के आधार पर ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनमें मिलावट की स्थिति स्पष्ट होती है। ऐसे में रिपोर्ट मिलने में देरी होने से आगे की कार्रवाई भी प्रभावित हो सकती है।

नारनौल में लैब स्थापित होने से इस प्रक्रिया को स्थानीय स्तर पर पूरा करने की सुविधा मिलेगी और विभाग को नमूनों की जांच के लिए करनाल पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

दक्षिण हरियाणा के कई जिलों को मिलेगा लाभ

प्रस्तावित लैब केवल महेंद्रगढ़ जिले के लिए नहीं, बल्कि दक्षिण हरियाणा के कई जिलों के लिए महत्वपूर्ण होगी। रेवाड़ी, गुरुग्राम, पलवल और फरीदाबाद समेत आसपास के जिलों के खाद्य नमूनों की जांच भी नारनौल में किए जाने की योजना है।

रिपोर्ट जल्द मिलने पर मिलावट की पुष्टि होने के बाद संबंधित मामलों में विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ाने में भी सहूलियत होगी।

छह से सात स्थानों का किया निरीक्षण

खाद्य सुरक्षा विभाग लैब स्थापित करने के लिए उपयुक्त जगह तलाश रहा है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डाॅ. अमित कुमार के अनुसार, ज्वाॅइंट कमिश्नर के साथ टीम ने जिले में छह से सात स्थानों का निरीक्षण किया है।

पटीकरा, जौरासी अमरपुरा सहित कई जगहों को देखा गया है। इनमें से एक-दो स्थानों पर सहमति बनी है। विभाग फिलहाल 15 से 16 हजार वर्ग फीट कवर्ड एरिया तलाश रहा है, जहां अस्थायी रूप से लैब स्थापित की जा सके।

हिसार में भी लैब बनाने की तैयारी

वर्तमान में प्रदेश में चंडीगढ़ और करनाल में फूड टेस्टिंग लैब संचालित हैं। महेंद्रगढ़ जिले के नमूने करनाल भेजे जाते हैं। नारनौल में प्रस्तावित लैब को दक्षिण हरियाणा के जिलों की जरूरतों के अनुसार स्थापित करने की तैयारी है।

साथ ही हिसार में भी क्षेत्रीय फूड टेस्टिंग लैब स्थापित किया जा रहा है। प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के प्रयासों से इस दिशा में काम किया जा रहा है और योजना की माॅनिटरिंग भी की जा रही है। हालांकि, लैब की स्थापना और संचालन की समयसीमा अभी तय नहीं हुई है।

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के निर्देशानुसार नारनौल में दक्षिण हरियाणा के जिलों के लिए फूड टेस्टिंग लैब स्थापित करने की तैयारी है। टीम छह से सात स्थानों का निरीक्षण कर चुकी है और एक-दो जगहों पर सहमति बनी है।

- डाॅ. अमित कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, नारनौल।

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