बगैर हेलमेट और बोतलों में बेचा जा रहा है पेट्रोल, नारनौल में सरेआम उड़ाई जा रहीं DC के आदेशों की धज्जियां
नारनौल में जिला प्रशासन के सख्त निर्देशों के बावजूद पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट वाले चालकों और बोतलों में पेट्रोल ...और पढ़ें

केन में खुलेआम दिया जा रहा है पेट्रोल। फोटो: जागरण
HighLights
नारनौल में बिना हेलमेट पेट्रोल बिक्री जारी।
बोतलों में भी धड़ल्ले से बिक रहा पेट्रोल।
डीसी के सड़क सुरक्षा आदेशों की अनदेखी।
बलवान शर्मा, नारनौल। सड़क हादसों को रोकने के लिए सख्त नियम नहीं होने की वजह से बगैर हेलमेट के वाहन चालकों को पेट्रोल देने पर रोक लगाने क आदेश धरातल पर नहीं उतर पा रहे हैं। यहीं वजह है कि प्रशासन द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर जारी किए गए सख्त निर्देशों का असर जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहा है।
27 अक्टूबर को आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उपायुक्त (डीसी) ने स्पष्ट आदेश जारी किए थे कि बिना हेलमेट, बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों और बोतलों में पेट्रोल देने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, जागरण पड़ताल में खुलासा हुआ है कि इन आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

बिना रुकावट बेचा जा रहा पेट्रोल
जागरण की पड़ताल में सामने आया कि शहर के पेट्रोल पंपों पर नियमों की अनदेखी जारी है:
- बिना हेलमेट चालकों को छूट: बिना हेलमेट पहने पहुंचे दुपहिया वाहन चालकों को बिना किसी हिचकिचाहट के आसानी से पेट्रोल दिया जा रहा है।
- बिना नंबर वाले वाहन: जिन वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं हैं, उन्हें भी बिना किसी रोक-टोक के ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है।
- बोतलों में बिक्री: सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर खुली बोतलों में भी धड़ल्ले से पेट्रोल बेचा जा रहा है, जिससे किसी हादसे की संभावना बनी रहती है।
आदेशों का नहीं दिख रहा असर
सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से डीसी ने सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए थे। लेकिन पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा नियमों का पालन न किए जाने से प्रशासनिक दावों और निर्देशों की पोल खुलती नजर आ रही है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले पेट्रोल पंपों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
मोटरव्हीकल एक्ट में बगैर हेलमेट के दुपहिया वाहन चालकों के रोड पर तो चालान करने का प्रविधान है पर पेट्रोल पंप पर कोई कानून लागू नहीं है। ये केवल अपील है । जनहित में पेट्रोल पंप संचालकों को एथिकल है। यह आदेश तभी प्रभाव आ सकता है, जब खाद्य एवं आपूर्ति विभाग या सरकार द्वारा इस तरह का कोई प्रोविजन किया जाए, ताकि पेट्रोल पंप संचालकों को बाध्य किया जा सके।
- मनोज कुमार, आरटीए
हम पेट्रोल देने से इनकार नहीं कर सकते हैं। वाहन चालक हमारे साथ लड़ने को उतारू हो जाते हैं। इसके लिए प्रशासन को हमें सुरक्षा मुहैया करवानी होगी, तभी हम प्रशासन के आदेशों को लागू कर सकते हैं। इसके लिए जल्द ही उपायुक्त से मुलाकात की जाएगी।
- सुरेश गर्ग, पेट्रोल पंप संचालक
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