संवाद सहयोगी, नांगल चौधरी:

गांव बायल में बाबा भर्तृहरि की याद में कुश्ती दंगल व मेले का आयोजन किया गया। दंगल में 51 रुपये से लेकर कामड़े की कुश्ती 31 हजार रुपये तक की हुई। कुल 73 कुश्तियां करवाई गई। इसमें दूरदराज से पहुंचे नामी पहलवानों ने दांव पेच लगाकर दमखम दिखाया। दंगल में शांति व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।

मेले में छोटे पहलवानों के लिए 51, 100, 151, 200, 250, 300, 500 रुपये की कुश्तियां करवाई गई। दंगल के अंतिम बड़े कामड़े 31 हजार की कुश्ती सतीश फौजी सिलानी झज्जर और राहुल बामला भिवानी के बीच हुई। दोनों ही पहलवानों ने सुन्दर दांवपेच लगाकर कामड़ा जीतने का प्रयास किया। करीब पांच मिनट तक चली कुश्ती में सतीश सिलानी ने राहुल बामला पर दांव लगाकर पटखनी दी। रेफरी अध्यापक अलिशेर व कोच पितराम ने सतीश फौजी सिलानी को विजेता घोषित किया। इस अवसर पर प्रमुख समाजसेवी परमेश सांगवान ने कहा कि मेले आपसी प्रेम और सौहार्द के प्रतीक है। मेले में आयोजित कुश्ती दंगल से पहलवानों को प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। जीत-हार किसी भी प्रतियोगिता के दो पहलू है। इससे हमें जीवन में और अधिक अच्छा करने की सीख मिलती है। इस अवसर पर पूर्व विधायक फूलचन्द राजस्थान, सरपंच ससुर बिशंबर ¨सह, दीपेन्द्र, बायल जोन एसोसिएशन के प्रधान डॉ.मंदीप लांबा, पूर्व सरपंच लाल ¨सह, पूर्व सरपंच मोघू ¨सह, पूर्व सरपंच जगमाल, देशराज हवलदार, प्रमोद बाजौर, सुरेन्द्र पंच, महेन्द्र ¨सह आदि मौजूद थे।

Posted By: Jagran