'IPL में सिलेक्शन करवा दूंगा...', रणजी प्लेयर का नाटक कर महिला कांस्टेबल से ऐंठे ₹40 लाख
एक युवक ने खुद को रणजी खिलाड़ी बताकर और आईपीएल में चयन का झांसा देकर नारनौल की महिला कांस्टेबल से 40 लाख रुपये ठग लिए।
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जानिए कैसे फंसी महिला पुलिसकर्मी।
HighLights
रणजी खिलाड़ी बन महिला कांस्टेबल से ठगी।
आईपीएल में चयन का दिया था झांसा।
आरोपी विक्रांत तोमर दिल्ली में गिरफ्तार।
जागरण संवाददाता, नारनौल। वर्दी पहनकर कानून की जिम्मेदारी संभालने वाली महिला कांस्टेबल को एक युवक ने क्रिकेट की दुनिया में बड़ा नाम बनाने का सपना दिखाया।
कभी खुद को दिल्ली रणजी टीम का खिलाड़ी बताया, कभी बड़े क्रिकेटरों के साथ तस्वीरें दिखाईं और कभी आइपीएल में चयन का भरोसा दिलाया। भरोसा इतना गहरा हुआ कि महिला कांस्टेबल ने 40 लाख रुपये दे दिए।
रकम सात दिन में लौटाने का वादा था, लेकिन आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर युवक के तेवर बदल गए। अब दिल्ली में इसी युवक की गिरफ्तारी के बाद नारनौल में तैनात हरियाणा पुलिस की महिला कांस्टेबल से कथित ठगी का मामला भी सामने आया है।
24 अक्टूबर को हुआ था अरेस्ट
आरोपित विक्रांत उर्फ विक्की तोमर को दिल्ली पुलिस ने 24 अक्टूबर को महिला कांस्टेबल शिवानी से 24 लाख रुपये की कथित ठगी के मामले में गिरफ्तार किया था।
इसके बाद नारनौल में तैनात महिला कांस्टेबल ने भी ईस्ट दिल्ली के साइबर पुलिस थाने में शिकायत देकर अपने साथ 40 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया। महिला के अनुसार, युवक ने आइपीएल में चयन के लिए 60 लाख रुपये की जरूरत बताई थी और इसी बहाने उससे रकम ली।
सहवाग की एकेडमी में हुई मुलाकात, इंस्टाग्राम पर बढ़ा भरोसा
महिला कांस्टेबल क्रिकेट की खिलाड़ी रही है और अपनी बहन के साथ झज्जर स्थित पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग की एकेडमी में अभ्यास करने जाती थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात विक्रांत से हुई। महिला के अनुसार, युवक ने खुद को दिल्ली रणजी टीम का खिलाड़ी बताया और बड़े क्रिकेटरों के साथ तस्वीरें दिखाईं।
महंगी गाड़ियों में आने-जाने और लग्जरी लाइफस्टाइल के कारण उस पर भरोसा हो गया। मई 2021 में इंस्टाग्राम पर दोनों के बीच बातचीत बढ़ी। आरोपी की आइडी 'विक्ट्री' नाम से थी।
मामा का हवाला दिया, सात दिन में लौटाने की बात कही
महिला के अनुसार, विक्रांत ने आइपीएल में चयन के लिए 60 लाख रुपये की जरूरत बताई। उसने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई तो युवक ने अपने मामा संजीव का हवाला दिया और एक सप्ताह में पैसे लौटाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद महिला ने उसे 40 लाख रुपये दे दिए। आरोप है कि समय बीतने के बाद रकम वापस मांगने पर वह टालमटोल करने लगा। बाद में पैसे लौटाने से इनकार करने और नौकरी से हटवाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
करीब 20 महिला कांस्टेबलों से संपर्क की आशंका
दिल्ली में दर्ज मामले की जांच के दौरान पुलिस को आशंका हुई कि आरोपित एक ही बैच की करीब 20 महिला कांस्टेबलों के संपर्क में था। आरोप है कि वह इंटरनेट मीडिया पर अपनी छवि बनाकर महिलाओं का भरोसा जीतता और फिर शादी, निवेश या क्रिकेट में आगे बढ़ने के नाम पर रुपये मांगता था।
दिल्ली में उसके विरुद्ध पांच प्राथमिकी दर्ज होने की बात भी सामने आई है। जानकारी के अनुसार, आरोपित की लिव-इन पार्टनर भी दिल्ली पुलिस में महिला कांस्टेबल है। जांच में यह आशंका जताई गई कि उसके संपर्कों के जरिए आरोपी अन्य महिला कांस्टेबलों तक पहुंचा।
पहले गुरुग्राम दी थी शिकायत, अब दिल्ली में शिकायत
नारनौल की महिला कांस्टेबल के अनुसार, उसने पहले गुरुग्राम में भी शिकायत दी थी, लेकिन उस समय कार्रवाई नहीं हुई। अब आरोपित की गिरफ्तारी के बाद उसने फिर शिकायत दर्ज कराई है। मामले में महिला के आरोपों की जांच और रकम के लेनदेन से जुड़े तथ्यों की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
