500 रुपये रिस्क अलाउंस से नाखुश बिजली कर्मचारी, 5000 रुपये देने की मांग
बिजली कर्मचारी 500 रुपये के जोखिम भत्ते से नाखुश हैं और इसे बढ़ाकर 5000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग कर रहे हैं।

बिजली कर्मचारी कर रहे मांग।
HighLights
बिजली कर्मचारी 500 रुपये रिस्क अलाउंस से असंतुष्ट
सरकार से 5000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग
खतरनाक काम और अन्य विभागों से तुलना
जागरण संवाददाता,नारनौल। बिजली कर्मचारियों को 500 रुपए रिस्क अलाउंस देने की घोषणा से कर्मचारियों में नाराजगी है। एचएसईबी वर्कर्स यूनियन की केंद्रीय परिषद भिवानी की नारनौल सर्कल इकाई की बैठक में कर्मचारियों ने सरकार से रिस्क अलाउंस बढ़ाकर 5000 प्रतिमाह करने की मांग की।
बैठक की अध्यक्षता सर्कल प्रधान सत्यवान यादव ने की। इसमें केंद्रीय परिषद के सह सचिव सुभाष रोहिल्ला भी मौजूद रहे। यूनिट प्रधान सत्य प्रकाश यादव ने कहा कि बिजली कर्मचारी दिन रात लोगों को बिजली उपलब्ध करवाने के लिए काम करते है।
500 रुपये का रिस्क अलाउंस क्यों?
तेज गर्मी, बारिश और सर्दी में भी उन्हें अपनी ड्यूटी निभानी पड़ती है। कई बार कर्मचारियों को 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइनों और अन्य उपकरणों के बीच काम करना पड़ता है। ऐसे में उनकी जान को खतरा बना रहता है। इसलिए, 500 रुपये का रिस्क अलाउंस उनकी जिम्मेदारी और काम के जोखिम को देखते हुए काफी कम है।
उपप्रधान राकेश यादव ने कहा कि विभाग में पहले भी 5000 फिक्स्ड अलाउंस को लेकर पत्र जारी होने की बात सामने आई है। वहीं यूनिट सचिव प्रमोद शर्मा ने कहा कि हरियाणा पुलिस के कर्मचारियों को 5000 रिस्क अलाउंस दिए जाने का हवाला देते हुए बिजली कर्मचारियों को भी इतनी ही राशि देने की मांग की।
नर्सिंग स्टाफ को 7200 रिस्क अलाउंस
उन्होंने नर्सिंग स्टाफ को 7200 रिस्क अलाउंस मिलने का भी उल्लेख किया। यूनियन ने सरकार से मांग कि है कि बिजली कर्मचारियों के जोखिम भरे काम और उनकी जिम्मेदारियों को देखते हुए उन्हें कम से कम 5000 प्रतिमाह रिस्क अलाउंस दिया जाए। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार को उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
बैठक में सिटी प्रधान सुरेंद्र, चंद्रजीत, नांगल चौधरी के प्रधान जितेंद्र डांगी, निजामपुर से बिरेंद्र, ललित चेयरमैन, हरीश और प्रवीण सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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