संवाद सहयोगी, सतनाली : एक ओर प्रदेश सरकार जहां नई खेल नीति के तहत खेलों में भाग लेने के लिए खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के दावे कर रही है, वहीं सतनाली व आसपास क्षेत्र के खिलाड़ियों को खेल सुविधाएं मिलना तो दूर बल्कि खेल स्टेडियम तक नहीं मिल पाया है। ऐसे में क्षेत्र की खेल प्रतिभाएं संसाधनों व सुविधाओं के अभाव में अधर में ही दम तोड़ रही है। ऐसा नहीं है कि ग्राम पंचायत ने खेल स्टेडियम के निर्माण के लिए प्रयास न किए हों, पंचायत द्वारा दो वर्ष के दौरान दो बार स्टेडियम के लिए स्थान निर्धारित कर प्रस्ताव पास करते हुए मंजूरी के लिए प्रस्ताव खेल विभाग व सरकार के पास भेजा, परंतु अभी तक मंजूरी नहीं मिल पाई। करीब दो वर्ष पूर्व खेल एवं युवा मामलों के विभाग के निदेशक जगदीप सिंह आइएएस ने कस्बे का दौरा किया था तथा पंचायत द्वारा जगह उपलब्ध करवाने पर सतनाली में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त खेल स्टेडियम निर्माण की बात कहते हुए यहां इंडोर स्टेडियम तक बनवाने की घोषणा की थी। उसी समय पंचायत ने भी उन्हें स्टेडियम के लिए जगह चिह्नित कर प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद पंचायत ने बस स्टैंड के पीछे करीब 7 एकड़ जगह स्टेडियम के लिए चिह्नित करते हुए प्रस्ताव बनाकर जिला प्रशासन व विभाग के पास भेज दिया। पंचायत द्वारा दो बार प्रस्ताव भेजने के बाद भी स्टेडियम की जगह को मंजूरी नहीं मिल पाई है। खेल स्टेडियम को मंजूरी न मिलने पर खिलाड़ियों को खेल सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है तथा खिलाड़ी स्टेडियम के अभाव में स्कूल के मैदान में ही अपनी आधी अधूरी तैयारी कर रहे हैं।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस