स्टेज कैरिज स्कीम-2016 के नियमों में फंसे छात्र और बुजुर्ग, निजी बसें नहीं मान रहीं आदेश; विभाग का नोटिस
हरियाणा स्टेज कैरिज स्कीम-2016 के तहत निजी बस संचालक विद्यार्थियों और रियायती पासधारकों को यात्रा सुविधा नहीं दे रहे हैं। ...और पढ़ें

नारनौल बस स्टैंड पर खडी सहकारी समिति की बस। जागरण
HighLights
निजी बसें मुफ्त/रियायती पासधारकों को यात्रा नहीं दे रहीं
आरटीए नारनौल ने परिवहन समितियों को चेतावनी पत्र जारी किया
बस संचालक सब्सिडी के बिना मुफ्त सेवा को असंभव बता रहे
विपिन कुमार, नारनौल। हरियाणा सरकार की स्टेज कैरिज स्कीम-2016 के तहत विद्यार्थियों और अन्य रियायती व मुफ्त पासधारकों को निजी बसों में यात्रा सुविधा देने के आदेश जिले में धरातल पर लागू होते नजर नहीं आ रहे हैं।
परिवहन निदेशालय के निर्देशों के बावजूद कई निजी बस संचालक फ्री और रियायती पासधारकों को बसों में यात्रा सुविधा नहीं दे रहे। मामले की शिकायतें मिलने के बाद अब आरटीए नारनौल ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी सहकारी परिवहन समितियों को चेतावनी पत्र जारी किया है।
जिला परिवहन अधिकारी-कम-सचिव, प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण नारनौल की ओर से सात मई को जारी पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि निजी स्टेज कैरिज संचालक स्टेज कैरिज स्कीम-2016 की शर्तों की पालना नहीं कर रहे हैं।
पत्र में वर्ष 2017 में जारी परमिट शर्तों का हवाला देते हुए कहा गया कि परमिट धारकों को विद्यार्थियों और अन्य फ्री अथवा रियायती पासधारकों को उसी प्रकार यात्रा सुविधा देनी होगी, जैसी हरियाणा रोडवेज बसों में दी जाती है।
शिकायत मिली तो होगा एक्शन
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस सुविधा के लिए किसी प्रकार की सब्सिडी नहीं मिलेगी। आरटीए ने चेतावनी दी है कि यदि किसी परिवहन समिति संचालक के विरुद्ध शिकायत प्राप्त हुई तो मोटर वाहन अधिनियम-1988 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उधर, कई पासधारकों का कहना है कि निजी बसों में उन्हें यात्रा सुविधा नहीं मिल रही। विद्यार्थियों और अन्य पात्र यात्रियों का आरोप है कि कई बस संचालक पास देखने के बावजूद यात्रा कराने से मना कर देते हैं या किराया मांगते हैं।
इससे उन्हें रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है। दूसरी ओर निजी बस संचालकों का तर्क है कि बिना सरकारी आर्थिक सहायता के मुफ्त यात्रियों का भार उठाना संभव नहीं है।
उनका कहना है कि रोडवेज को सरकार से बजट मिलता है, जबकि निजी बसों को डीजल, स्टाफ और रखरखाव का खर्च खुद उठाना पड़ता है। ऐसे में लगातार बढ़ते खर्च के बीच मुफ्त यात्रा सुविधा देना घाटे का सौदा साबित हो रहा है।
बिना बजट घाटा सहकर बस चलाना संभव नहीं
सहकारी परिवहन समिति नारनौल के प्रधान मनोज यादव सिहमा ने कहा कि वे किसी नियम के विरुद्ध नहीं हैं, लेकिन बिना आर्थिक सहायता मुफ्त सेवा देना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि रोडवेज को सरकार से बजट मिलता है, जबकि निजी बस संचालकों को पूरा खर्च स्वयं उठाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि डीजल और मेंटेनेंस खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि पुराने भुगतान भी लंबित पड़े हैं। ऐसे में घाटा सहकर बस संचालन करना मुश्किल हो गया है।
शिकायत पर होगी कार्रवाई
परिवहन विभाग के टीआइ विजेंद्र ने कहा कि स्टेज कैरिज स्कीम-2016 के तहत निजी बस संचालकों को विद्यार्थियों और अन्य पात्र फ्री व रियायती पासधारकों को यात्रा सुविधा देना अनिवार्य है। विभाग की ओर से सभी परिवहन समितियों को नियमों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी यात्री की शिकायत मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
यात्री बोले दिखावा कर रहा विभाग, न मिलती कोई सुविधा
मैं सेंट्रल यूनिवर्सिटी पाली में कनीना से जाता एवं आता हूं। जहां पहले सभी बसों में बस पास की अनुमति थी लेकिन बाद में परमिट धारी बसों में बैठने से उन्होंने इनकार कर दिया। अब फिर से कुछ परमिट धारी बसों में बस पास की अनुमति मिलती है जबकि कुछ नहीं दे रहे।
वो यह कहते हैं कि इस बार कोई बात नहीं अगली बार नहीं बैठना। आरटीए को भी कई बार शिकायत की जा चुकी है लेकिन विभाग केवल बयानबाजी करता है कोई कार्रवाई नहीं करता ।
-नितिन कुमार
मैं प्रतिदिन पढऩे के लिए सेंट्रल यूनिवर्सिटी में जाता हूं जहां वर्तमान समय में परमिटधारी और प्राइवेट बसों में बैठने से अक्सर इनकार किया जाता है। पहले सभी बसों में अनुमति थी। अब यह कहे देते हैं कि उनके पास कोई आदेश नहीं आए हैं। इसलिए आगे से नहीं बैठने की हिदायत देते हैं।
- हर्ष कुमार
जहां लंबे समय पहले सभी प्रकार की बसों में सीनियर सिटीजन को बैठने का अधिकार था किंतु बाद में बैठने नहीं देते थे। अब कुछ बस धारक इकार करते हैं। ऐसे में सीनियर सिटीजन परेशान रहते हैं।
-बिजेंद्र कुमार सीनियर सिटीजन
कभी सभी बसों में सीनियर सिटीजन को अधिकार था किंतु बाद में किसी भी सूरत में नहीं बैठने दिया जाता था। अब बहस करने के बाद ही अनुमति देते हैं। वे आदेश न होने की बात कह देते हैं। अभी से सभी बसों में बैठने से इंकार कर दिया जाता है। अभी सभी बस चालकों के पास आदेश आने बाकी हैं।
-रतनलाल शर्मा
जिले में इन रूटों पर चल रही हैं 48 निजी स्टेज कैरिज बसें
| रूट नंबर | रूट | बसों की संख्या |
|---|---|---|
| 168 | महेंद्रगढ़ से रेवाड़ी वाया कनीना | 30 |
| 169 | नारनौल से चरखी दादरी वाया महेंद्रगढ़ | 4 |
| 170 | नारनौल से कनीना वाया फैजाबाद, सिहमा, दौंगडा, सुंदराह | 1 |
| 172 | नारनौल से कनीना वाया बाछोद, सिहमा, दौंगडा, सुंदराह | 4 |
| 20 | सतनाली से तोशाम वाया जावा, श्यामपुरा, नांदा, हसनपुर, बाढड़ा, गोपी, खाखरोली, जूई, चांदवास, खैरू, सांगुरपुर, दुलाठ | 9 |
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