पुलिस वाला ही बेच रहा था चिट्टा, नारनौल के सिटी थाने में हंगामे के बाद सिपाही सस्पेंड; SP का एक्शन
नारनौल में चिट्टा बेचने और नशा करने के आरोपों के बाद एक पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है। लोगों ...और पढ़ें
HighLights
चिट्टा बेचने और नशा करने के आरोप में पुलिसकर्मी निलंबित
बड़ा बाग मोहल्ले के लोगों ने थाने में किया था हंगामा
नशे की पुष्टि होने पर एसपी ने की निलंबन की कार्रवाई
जागरण संवाददाता, नारनौल: बड़ा बाग मोहल्ले में पुलिसकर्मी पर चिट्टा बेचने और नशा करने के आरोप लगाकर लोगों ने मंगलवार रात सिटी थाने में हंगामा किया था।
अब नशे की पुष्टि होने पर जिला पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने आरोपित पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया है। मंगलवार रात करीब आठ बजे बड़ा बाग मोहल्ले के लोग सिटी थाने पहुंचे थे।
लोगों ने थाने में तैनात पुलिसकर्मी संजय पर एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर चिट्टा बेचने और नशा करने के आरोप लगाए थे। करीब 40 मिनट तक थाने में हंगामा चला। लोगों ने आरोपित पुलिसकर्मी का मेडिकल कराने की मांग की थी। अब नशे की पुष्टि होने के बाद एसपी ने उसके खिलाफ कार्रवाई की है।
पुलिसकर्मी पर पांच साल से आरोप
मोहल्ला निवासी रमेश कुमार ने आरोप लगाया था कि संजय सुबह करीब 7:30 बजे क्षेत्र में आता है। आरोप है कि वह अनिल कुमार नाम के व्यक्ति के साथ मिलकर चिट्टा बेचता है और सड़क पर बैठकर नशा करता है। इससे मोहल्ले के लोगों और बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राजेंद्र सिंह यादव ने आरोप लगाया था कि संबंधित पुलिसकर्मी पिछले करीब पांच साल से क्षेत्र में किशोरों और युवाओं को चिट्टा उपलब्ध कराने और बिकवाने का काम कर रहा है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की थी।
दूध लेने जाने पर शुरू हुआ विवाद
शहर थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने बताया था कि जिस पुलिसकर्मी पर लोग आरोप लगा रहे हैं, वह मोहल्ले में दूध लेने जाता है। दूध बेचने वाले ने अपनी भैंस बेच दी थी, इसलिए कुछ दिन से दूध बंद था।
मंगलवार शाम पुलिसकर्मी दोबारा दूध के बारे में पूछने गया था। वहां महिला ने उससे कहा कि भैंस बेच दी है, इसलिए यहां दूध लेने न आया करे। इसके बाद कुछ लोग एकत्र हो गए और थाने पहुंचकर हंगामा किया। थाना प्रभारी के अनुसार, लोगों को समझाकर वापस भेज दिया गया था।
शराब पीकर हंगामे का भी आरोप
थाने में हंगामा कर रहे लोगों ने पुलिसकर्मी का मेडिकल कराने की मांग की थी। थाना प्रभारी ने पहले पुलिसकर्मी का मेडिकल कराने की बात कही, लेकिन बाद में हंगामा कर रहे सभी लोगों का भी मेडिकल कराने की बात कही। पुलिस प्रशासन ने हंगामा करने वाले लोगों पर शराब पीकर थाने में हंगामा करने का आरोप लगाया था।
मुख्यमंत्री से शिकायत की दी चेतावनी
मोहल्ले के लोगों ने कहा था कि बड़ा बाग क्षेत्र में नशे के कारण बच्चों और युवाओं पर गलत असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा था कि स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई तो 17 सितंबर को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नारनौल आगमन के दौरान उनसे मिलकर मामले की शिकायत करेंगे।
