एशियन गेम्स में छाईं नारनौल की बेटी, महिला डिस्कस थ्रो के फाइनल में पदक पर सान्या यादव का निशाना
नारनौल के गांव बैरावास की बेटी सान्या यादव आज जापान में चल रहे एशियन गेम्स की महिला डिस्कस थ्रो स्पर्धा के फाइनल में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
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सान्या यादव महिला डिस्कस थ्रो के फाइनल में भारत की ओर से मैदान में उतरेंगी। जागरण
HighLights
सान्या यादव एशियन गेम्स महिला डिस्कस थ्रो फाइनल में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
महेंद्रगढ़ के बैरावास की बेटी आज पदक के लिए मैदान में उतरेगी।
दोपहर 2:35 बजे होगा फाइनल मुकाबला, जिले को पदक की उम्मीद।
जागरण संवाददाता, नारनौल। जापान के आईची-नगोया में चल रहे एशियन गेम्स में आज महेंद्रगढ़ के लिए गौरव का पल होगा। जिले के गांव बैरावास की बेटी सान्या यादव महिला डिस्कस थ्रो के फाइनल में भारत की ओर से मैदान में उतरेंगी। दोपहर 2:35 बजे होने वाले फाइनल पर जिलेभर के खेल प्रेमियों की नजर रहेगी।
सान्या के पिता मोहिंद्र यादव ने बताया कि उनकी बेटी सीधे फाइनल मुकाबले में उतरेगी। इसमें कोई पूल मैच नहीं होगा। अब सान्या के सामने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ पदक की चुनौती होगी।
सान्या के एशियन गेम्स तक पहुंचने के पीछे वर्षों की मेहनत और परिवार का त्याग जुड़ा है। इससे पहले वह राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं।
चक्का फेंककर रजत पदक जीता
भुवनेश्वर में आयोजित 65वीं नेशनल इंटर स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 56.06 मीटर की दूरी तक चक्का फेंककर रजत पदक जीता था। वर्ल्ड एथलेटिक्स की प्रोफाइल में उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 56.05 मीटर दर्ज है।
सान्या ने देहरादून में ओएनजीसी के कोच जगजीत सिंह के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया। उनकी मां कृष्णा यादव भी बेटी के खेल करियर के लिए देहरादून में उनके साथ रहीं और प्रशिक्षण से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक साथ निभाया। पिता महेंद्र सिंह एयरफोर्स में सेवारत हैं।
सान्या मैदान में अपना दम दिखाएंगी
अब बैरावास से निकली यह बेटी एशिया के बड़े खेल मंच पर चक्का थामेगी। फाइनल में सान्या का हर थ्रो सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि महेंद्रगढ़ की खेल प्रतिभा के लिए भी खास होगा। जिले के लोगों को अब दोपहर का इंतजार है, जब सान्या मैदान में अपना दम दिखाएंगी।
