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अब ऑटोमैटिक सिग्नल संभालेंगे महेंद्रगढ़ का ट्रैफिक, 2 प्रमुख चौराहों को मिलेगी जाम से निजात

Published: Wed, 19 Aug 2026 04:59 PM (GMT+05:30)

महेंद्रगढ़ शहर में बढ़ते यातायात दबाव और जाम से राहत के लिए नगर पालिका आधुनिक ऑटोमेटिक ट्रैफिक सिग्नल लगा रही ...और पढ़ें

महेंद्रगढ़ में ट्रैफिक नियंत्रण के लिए ऑटोमैटिक सिग्नल लगाने की तैयारी। फोटो: जागरण

महेंद्रगढ़ में ट्रैफिक नियंत्रण के लिए ऑटोमैटिक सिग्नल लगाने की तैयारी। फोटो: जागरण

HighLights

  1. महेंद्रगढ़ में यातायात जाम से राहत के लिए सिग्नल लगेंगे

  2. पहले चरण में राव तुलाराम और महाराणा प्रताप चौक पर स्थापना

  3. आधुनिक सिग्नल से यातायात सुधरेगा, दुर्घटनाएं कम होंगी, सुरक्षा बढ़ेगी

मोहनलाल अग्रवाल, महेंद्रगढ़। शहर में बढ़ते यातायात दबाव और चौराहों पर रोजाना लगने वाले जाम से लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। नगर पालिका की ओर से शहर के प्रमुख चौराहों पर आधुनिक ऑटोमैटिक ट्रैफिक सिग्नल लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

फिलहाल योजना की तकनीकी बोली की प्रक्रिया चल रही है। इसके पूरा होने के बाद वित्तीय बोली खोली जाएगी और चयनित एजेंसी को काम सौंपने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

प्रारंभिक चरण में शहर के दो महत्वपूर्ण चौराहों राव तुलाराम चौक और महाराणा प्रताप चौक को ट्रैफिक सिग्नल से लैस किया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 30 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।

इन दोनों स्थानों पर आधुनिक सिग्नल सिस्टम स्थापित होने के बाद यातायात को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। इसके बाद शहर के अन्य प्रमुख चौराहों पर भी इसी तरह की व्यवस्था लागू करने की योजना तैयार की जाएगी।

करीब तीन दशक पहले लगे थे सिग्नल

शहर में ट्रैफिक लाइट लगाने की व्यवस्था कोई नई नहीं है। करीब 30 वर्ष पहले भी प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए थे, लेकिन नियमित रखरखाव नहीं होने के कारण समय के साथ ये खराब हो गए।

वर्तमान में कई जगह इनके केवल पुराने खंभे ही दिखाई देते हैं। पिछले कुछ वर्षों में नगर पालिका की ओर से इन्हें दोबारा शुरू करने के प्रयास किए गए, लेकिन योजनाएं सिरे नहीं चढ़ पाईं। अब नई योजना से लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने की उम्मीद जगी है।

वाहनों की संख्या बढ़ने से बढ़ी परेशानी

पिछले 10 से 15 वर्षों के दौरान शहर में वाहनों की संख्या काफी बढ़ी है। आसपास के शिक्षण संस्थानों, स्कूल-कालेजों और गांवों से आने-जाने वाले वाहनों के कारण प्रमुख चौराहों पर दिनभर दबाव बना रहता है। खासकर सुबह और शाम के समय स्थिति ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो जाती है।

ट्रैफिक सिग्नल नहीं होने के कारण वाहन चालक अपनी सुविधा के अनुसार चौराहा पार करने का प्रयास करते हैं। इससे कई बार जाम जैसी स्थिति बन जाती है। पैदल यात्रियों के लिए सड़क पार करना भी मुश्किल हो जाता है।

यातायात पुलिसकर्मियों को व्यस्त समय में हाथ से ट्रैफिक नियंत्रित करना पड़ता है। वहीं, सर्दियों में कोहरे के दौरान कम दृश्यता के कारण दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है।

सिग्नल लगने से कई फायदे

ऑटोमैटिक ट्रैफिक लाइटें शुरू होने के बाद चौराहों पर वाहनों की आवाजाही निर्धारित नियमों के अनुसार होगी। इससे आमने-सामने आने वाले वाहनों का जोखिम कम होगा और यातायात व्यवस्था अधिक सुचारु हो सकेगी।

वाहन चालकों को अनावश्यक इंतजार और बार-बार जाम में फंसने से भी राहत मिलेगी। इससे समय और ईंधन की बचत होने की उम्मीद है।

इसके अलावा पैदल राहगीरों के लिए भी चौराहा पार करना अपेक्षाकृत सुरक्षित होगा। ट्रैफिक पुलिस को हर समय मैनुअल तरीके से यातायात संभालने की आवश्यकता कम होगी, जिससे पुलिसकर्मी अन्य व्यवस्थाओं पर ध्यान दे सकेंगे। आधुनिक सिग्नल व्यवस्था कोहरे जैसे मौसम में भी यातायात नियंत्रण में सहायक साबित हो सकती है।

शहर के विकास कार्यों पर भी जोर

नगरपालिका चेयरमैन रमेश सैनी के अनुसार शहर को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाना प्राथमिकता है। ट्रैफिक लाइटों के साथ प्रमुख सड़कों को मजबूत करने, जल निकासी व्यवस्था सुधारने और पार्कों के सौंदर्यीकरण जैसे कार्य भी किए जा रहे हैं।

उनका कहना है कि लंबित योजनाओं को पूरा कर शहरवासियों को सुविधाजनक और सुरक्षित माहौल उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है।

“ऑटोमैटिक ट्रैफिक लाइटों के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। तकनीकी बोली पूरी होने के बाद वित्तीय बोली की प्रक्रिया पूरी कर एजेंसी को कार्य सौंपा जाएगा। पहले चरण में राव तुलाराम चौक और महाराणा प्रताप चौक पर सिग्नल लगाए जाएंगे। इससे यातायात व्यवस्था सुधरेगी और जाम व सड़क हादसों की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।”

- राजेश कौशिक, एमई, नगर पालिका महेंद्रगढ़

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